मंडी,धर्मवीर(TSN)-सांसद कंगना रनौत का कहना कि हिमाचल प्रदेश में भी कई कलाएं है,जिनमें चंबा रूमाल, कांगड़ा पेंटिग,धाम बनाने वाले रसोशिए व काठकुनी भवन निर्माण शैली इत्यादि शामिल है।इन कलाओं को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लाने के लिए संसद में वह अपनी बात रखेंगी।यह बात उन्होंने आईटीआई मंडी में आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजनी की पहली वर्षगांठ के मौके पर आयोजित सम्माान समारोह कार्यक्रम के दौरान की।इस मौके पर राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी,पूर्व मंत्री व सदर विधायक अनिल शर्मा भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
अंग्रेजों ने इन कलाओं को मिटाने का किया काम
सांसद कंगना रनौत ने कहा कि जब भारत देश गुलाम था तों अंग्रेजों ने यहां की विभिन्न कलाओं को मिटाने का काम किया। यहां तक की इन कलाओं को जानने वाले लोगों को कई यातनाएं दी। लेकिन इन बावजूद भी इन लोगो ने अपनी कला का नही छोड़ा और आज देश प्रधानमंत्री ने भी इन कलाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत्त है। पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से आज लोगों कीे प्रतिभाओं को निखारने के साथ उन्हें आधूनिकता से भी जोड़ा जा रहा है। पहाड़ी प्रदेश हिमाचल भी अपने अंदर कई कलाओं के समेटे हुए हैं और इन कलाओं को भी नया मंच मिले, इसके लिए जनता द्वारा आवाज उठाई जा रही है। आने वाले समय में इस आवाज को उनके द्वारा संसद उठाए जाएगा, ताकि विलुप्त होती कलाओं को भी बचाया जा सके।
वहीं इस मौके पर कंगना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि आज देश उन्हें आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में देख रहा है।यही नहीं पीएम मोदी ही ऐसे नेता हैं जो देश के भविष्य और भूतकाल को लिखने का काम कर रहे हैं।प्रधानमंत्री आज देश के हर वर्ग की चिंता हैं,यही कारण है कि पीएम मोदी हस्तशिल्पकारों व कामगारों के बारे में सोच रहे है।विभिन्न कलाओं को जानने वाले इन लोगों को पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से नई पहचान देने का काम पीएम नरेंद्र मोदी ने किया है।
