संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश के बागवानों के बगीचों में अब यूएसए से आए फलों के पौधों की महक महकेगी। इन पौधों से बागवानों को अच्छी फ़सल मिलेगी और उनकी पैदावार के साथ ही आमदनी भी बेहतर होगी। बागवानों को यूएसए से आड़ू,प्लम ओर खुमानी सहित बादाम के पौधे दिलवाने की तैयारी सरकार की ओर से की जा रही हैं। हिमाचल उद्यान विभाग पहली बार यूएसए से प्लम आडू, खुमानी व बादाम के 56,000 पौधे आयात करने जा रहा हैं। इसी माह पौधों की खेप हिमाचल पहुंच जाएगी।
शिमला जिले के ठियाेग, कोटखाई, रामपुर, कुमारसैन और रोहड़ू सहित कुल्लू, मंडी, कांगड़ा जैसे अन्य क्षेत्रों में गुठलीदार फलों का उत्पादन होता हैं। ऐसे में विभाग की ओर से यहां के भगवानों को यूएसए से आया था किए गए बेहतर क्वालिटी के गुठलीदार फलों के पौधे मुहैया करवाए जाएंगे।
बागवानी मंत्री जगत नेगी ने बताया कि पौधों को एक साल के लिए क्वारंटाइन में रखा जाएगा ताकि, यह सुनिश्चित हो सके की पौधों में कोई बीमारी तो नहीं है। अगले साल उद्यान विभाग बागवानों को यूएसए से आयातित पौधे का आवंटन करेगा। पौधों के आयात से पहले उद्यान विभाग के अधिकारी आपूर्ति पूर्व निरीक्षण भी कर चुके हैं। एक साल क्वारंटीन अवधि के बाद अगले साल बागवानों को यह पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे,ताकि इसमें कोई समस्या न आए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार के एचडीपी और शिवा प्रोजेक्ट के तहत लगाए जा रहे पौधों की अच्छी प्रतिक्रिया आ रही हैं। बीते दिन इसके तहत मुआयना भी किया हैं। योजना के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बड़े पैमाने पर फलदार पौधों का रोपण सुनिश्चित कराएगी। शिवा परियोजना के तहत अमरूद के पौधरोपण के परिणाम भी सामने आ गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री गम में कर रहे अनाब शनाब बयानबाजी
जगत नेगी ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ओर से गए ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अभी गम में हैं, इसलिए इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार कर्ज लेती रही लेकिन साधन नहीं जुटाए गए लेकिन हम संसाधन जुटाएंगे, कर्ज भी लेंगे लेकिन सभी एक दायरे में रहकर करेंगे।
पिछली सरकार ने कुछ छोड़ा होता तो देते विधायक निधि
विपक्ष की ओर से विधायक निधि न देने से विकास कार्य रुकने को लगाए गए आरोप पर बागवानी मंत्री जगत नेगी ने कहा कि विधायक निधि कहां से दें, पिछली सरकार ने कुछ नहीं छोड़ा। उन्होंने प्रदेश को कर्ज तले दबा दिया हैं। प्रदेश की आर्थिकी डगमगा गई हैं।
