घुमारवीं/सुभाष ठाकुर: बिलासपुर के नगर परिषद घुमारवीं शहर में सभी आवासीय और व्यसायिक भवनों के जीआईएस (ज्योग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम ) सर्वे की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है। इस सर्वे से उन सम्पतियों पर भी गृह कर लगा सकेगी, जिन पर अभी तक हाउस टैक्स नहीं लगा है। साथ ही अवैध निर्माण पर शिकंजा कस जाएगा। सर्वे के बाद नगर परिषद घुमारवीं के प्रत्येक प्रॉपर्टी के मालिक को हाउस टैक्स देना पड़ेगा। इससे उन शिकायतों पर विराम लग सकेगा, जिसमें लोगों का कहना है कि उनका टेक्स कम होना चाहिए। जबकि उनसे अधिक टैक्स वसूला जा रहा है।
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि सात वार्डों वाली नगर परिषद घुमारवीं पंजीकृत 1250 घरों में से करीब 200 से अधिक शहरवासी हाउस टैक्स का करीब अठारह लाख रुपए डकार बैठे हैं। नगर परिषद घुमारवीं कई वर्षों से टैक्स अदा नहीं करने वाले इन शहरवासियों को नोटिस जारी करती आ रही है। यहां तक कि नगर परिषद ने समय-समय पर ऐसे लोगों को एकमुश्त किस्त देने पर 10 से 20 फीसदी छूट के साथ साथ एक से अधिक किस्तों में भी हाउस टैक्स को अदा करने की कई बार पेशकश की है। लेकिन नगर परिषद घुमारवीं में रह रहे शहरवासी टैक्स अदा करने में आनाकानी करते आ रहे हैं।
सरकारी विभाग भी नगर परिषद के हाउस टैक्स पर कुंडली मारकर बैठे
अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नगर परिषद घुमारवीं का परिषद में पंजीकृत परिवारों से करीब 52 लाख तीस हजार रुपए सालाना हाउस टैक्स के रूप में बनता है। लेकिन उसमें से 31 मार्च 2022 तक 18 लाख 20 हजार 696 रुपए हाउस टैक्स के रूप में बकाया है। अधिकारियों की माने तो इन पंजीकृत मकानों के अलावा सरकारी विभाग भी नगर परिषद के हाउस टैक्स पर कुंडली मारकर बैठे हैं। जिनमें विद्युत विभाग पर 3 लाख 53 हजार 415 रुपए हिमाचल पथ परिवहन निगम पर 6 लाख 14 हजार 935 रुपए के तथा टेलीकॉम विभाग पर भी 3 लाख 30 हजार 637 रुपये नगर परिषद के हाउस टैक्स की देनदारी है। लेकिन यह विभाग भी हाउस टैक्स देने को तैयार नहीं है।
