संजीव महाजन, नूरपुर: प्रदेश में 12 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में चुनावी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को चुनाव आयोग की ओर से अतिरिक्त मानदेय दिया गया है, लेकिन इन्हीं कर्मचारियों में कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्हें अतिरिक्त मानदेय देने की श्रेणी से आयोग ने बाहर कर दिया है। ऐसे में आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुदर्शन शर्मा ने चुनाव आयोग पर भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों में तैनात तमाम कर्मचारी वर्ग को अतिरिक्त मानदेय देना एक सराहनीय कदम है,लेकिन हिमाचल प्रदेश के पुलिस विभाग जिसने चुनाव आचार संहिता के दौरान चुनावों में रात दिन 24 घंटे हफ़्ते के सात दिन लगातार काम किया उन पुलिस विभाग के जवानों को मानदेय श्रेणी में ना रख कर चुनाव आयोग ने अनदेखी की हैं। इस बात का अब तमाम पुलिस विभाग में रोष है।
उन्होंने कहा की इन्हीं पुलिसकर्मियों की देश और प्रदेश की सुरक्षा के साथ ही प्रदेश वासियों की सुरक्षा में भी अहम भूमिका रहती है। जब हम कोई भी त्यौहार अपने परिवार के साथ मना रहे होते हैं तो उस समय तपती धूप,बारिश, तूफान और कड़कड़ाती ठंड में भी पुलिसकर्मी अपना कर्तव्य निभा रहे होते हैं। ऐसे में इन पुलिसकर्मियों की अनदेखी क्यों चुनाव आयोग की ओर से की गई है यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
सुदर्शन शर्मा ने कहा की यह मामला विभाग के उचाधिकारियों के लिए भी पहेली बना हुआ हैं, जबकि विभाग ने भी इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। प्रदेश प्रवक्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेने के लिए चुनाव आयोग से आग्रह किया है। उन्होंने कहा की चुनाव आयोग को जल्द से जल्द हिमाचल पुलिस विभाग के चुनावों में तैनात सभी जवानों को मानदेय श्रेणी में रखकर पुलिस विभाग का मनोबल बढ़ाना चाहिए।
