बिलासपुर/सुभाष ठाकुर: बिलासपुर की गोबिंद सागर झील के घाट इन दिनों लोगों के परेशानी का कारण बने हुए हैं। झील के घाट गंदगी से भरे हुए हैं और लुहणू के घाटों पर जगह-जगह इतनी गंदगी जमा है। ऋषिकेष, बैरी दड़ोला, बेहनां जट्टां, डमली व अन्य क्षेत्रों से बिलासपुर आने वाले लोग भी इस गंदगी से बेहद परेशान हैं। वहीं ऋषिकेश क्षेत्र से बिलासपुर कालेज पढ़ने आई अंशिका चंदेल ने कहा कि झील का जलस्तर जब काफी बढ़ जाता है, तो झील के घाटों पर गंदगी के ढेर लगे होते हैं। प्रशासन व नगर परिषद को चाहिए कि इन्हें यहां से हटाया जाए, ताकि लोग सुकून से यहां से सफर कर सकें। एक अन्य छात्रा सृजिल रणौत ने कहा कि यह क्षेत्र इन दिनों बहुत सुंदर नजारों से भरा होता है, लेकिन गंदगी ने इसकी सुंदरता को दाग लगा दिया है।

झील में लोग इन दिनों दूर-दूर से घूमने आते हैं, लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं को देखकर वह कभी वापस नहीं लौटते। इस क्षेत्र में लगातार सफाई का ध्यान रखा जाना चाहिए लेकिन नगर परिषद व जिला प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसा लंबे समय बाद हुआ है जब गोबिंद सागर झील का पानी लुहणू मैदान में अंतिम छोर तक पहुंच गया है। इस खास नजारे को देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंच तो रहे हैं, लेकिन यहां पसरी गंदगी को देखकर लोग दूर भाग रहे हैं। इस झील की सुंदरता पर गंदगी के इस दाग ने इसे कलंकित कर दिया है।
गोबिंद सागर झील के किनारों पर मंडी भराड़ी से पुल से लेकर चांदपुर पुल तक यही आलम है। दोनों घाटों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे दूर तक दुर्गंध आ रही है और लोग परेशान हो चुके हैं। हाल हि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा भी लुहणू मैदान में हुआ, लेकिन उस एक दिन के लिए इस स्थल को साफ सुथरा बना दिया गया था। उनके यहां रवाना होने के बाद अब फिर से गंदगी का आलम है। इस क्षेत्र को लगातार साफ-सुथरा रखने का प्रयास किया जाए तो यहां पर्यटकों की कमी नहीं होगी।
