अरविंदर सिंह,हमीरपुर: जेओए आईटी पेपर लीक मामले के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जहां पहले आयोग की कार्यप्रणाली को निलंबित किया गया था तो वहीं अब बीते कल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की ओर से हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने का फैसला लिया गया हैं। सरकार के इस फैसले के बाद बुधवार को हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय पर ताला लगा दिया गया हैं। इस फैसले के बाद जहां आयोग के कार्यालय पर ताला लटक गया हैं, तो वहीं आयोग कार्यालय का परिसर भी सुनसान पड़ गया हैं।
आयोग के ओएसडी व एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजटा ने बताया कि सरकार के निर्देशों के बाद कार्यालय पर सुरक्षा की दृष्टि से तालाबंदी की गई हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों को अगले आदेशों तक कार्यालय ना आने को कहा गया हैं। तालाबंदी होने के बावजूद आयोग में कार्यरत कर्मचारी आज भी कार्यालय पहुंचे थे और वे गेट के बाहर ही इंतजार करते रहे। कार्यालय पर ताला लटके होने से न तो कर्मचारियों को अंदर जाने दिया गया और न ही कर्मचारियों की हाजिरी लग सकी।
कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के ओएसडी एवं एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजटा ने बताया कि आयोग को सरकार ने भंग कर दिया हैं और कार्यालय में सुरक्षा रहे इसलिए कार्यालय को ताला लगा दिया हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को भी अगले आदेशों तक कार्यालय न आने के निर्देश दिए गए हैं।
