शिमला,25अक्टूबर (TSN)-नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर नाम बदलकर भाजपा के कार्यक्रमों को शुरू करने का आरोप लगाया है.उन्होंने कहा कि राजनीतिक दुर्भावना के चलते जनमंच कार्यक्रम को बंद कर दिया था। जिसे वह अब फिर से शुरू कर रही है। नाम बदलकर काम शुरू करना था तो सत्ता में आते ही नाम बदल देते और जनमंच को चलने देते।उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थिति वाले प्रदेश में जनमंच अपने आप में एक अनूठा कार्यक्रम था। जिसके तहत सरकार पूरे प्रशासनिक अमले के साथ लोगों के घर-द्वार तक पहुंचती थी और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करती थी। छोटे-बड़े मामले जिसके लिए आम आदमी को कई घंटों और सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था, वह काम घर बैठे ही बिना किसी खर्च के आराम से हो जाता था।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस प्रकार की राजनीतिक दुर्भावना के साथ कांग्रेस की सुक्खू सरकार काम कर रही है, वह एक ओछी राजनीति के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है। पूर्व सरकार द्वारा शुरू किए गए जनमंच के 256 कार्यक्रमों से 50,000 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया था। इससे हर शिकायतकर्ता के हजारों रुपए बचे थे। जो उन्हें यात्रा में कागज़ी कार्रवाई में खर्च करने पड़ते। क्या किसी भी कल्याणकारी राज्य का यही काम होता है कि वह प्रदेश के लोगों की हितों का ध्यान रखें और लोगों को सुविधाएँ प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। लेकिन वर्तमान सरकार के लिये राजनीतिक हित सर्वोपरि है जनहित नहीं। इसी कारण जन मंच जैसी महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को सरकार ने अपनी ओछी राजनीति का शिकार बनाते हुए बंद किया और उसके बारे में ना जाने कितनी गलत और अपमानजनक बातें की।
