ऊना: खेती बाड़ी के लिए ज़मीन की कमी के बाद भी लोग अपने घरों की छत पर ही अपने खाने के लिए सब्जियां और अन्य फसलें उगा सकें इसके लिए सरकार हाइड्रोपोनिक तकनीक से व्यवसायिक खेती के रूप में प्रयोग करने की संभावनाएं तलाश रही है। सोमवार को नंगल सलांगड़ी स्थित खान मशरूम केंद्र का दौरा करने आए ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, पशु पालन ओर मत्स्य पालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि हाइड्रोपोनिक विधि से किसान अपने घर की छत या कमरे के भीतर भी अनेक प्रकार की फसलों का उत्पादन कर सकता है, जिससे न केवल फसलों की पैदावार में बढ़ौतरी होगी बल्कि आमजन को अपने घर पर ही ताजा सब्जी व फल इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण जहां लगातार प्राकृतिक संसाधन घटते जा रहे हैं, वहीं कृषि योग्य भूमि में भी लगातार कमी आ रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए हाइड्रोपोनिक तकनीक मददगार साबित हो सकती है। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रगतिशील किसान युसूफ खान स्वरोजगार के लिए न केवल ऊना जिला में बल्कि प्रदेश भर के किसानों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं, जिन्होंने सरकारी नौकरी छोड़कर स्वरोजगार अपनाया ओर अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि अब सरकार खेती के लिए हाइड्रोपोनिक तकनीक को व्यवसायिक खेती के रूप में प्रयोग करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि खान मशरूम केंद्र में अपनाई जा रही विभिन्न विधियों के लिए भविष्य में ऐसे जायका प्रशिक्षण केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस अवसर पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा व अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
