संजु चौधरी,शिमला: वर्तमान कांग्रेस सरकार सत्ता में व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई हैं। नौकरियों में पिछले पांच वर्षों में व्याप्त भ्रष्टाचार हुआ हैं जिसे जड़ से खत्म करना कांग्रेस सरकार की प्रतिबद्धता हैं। पूर्व की भाजपा सरकार के समय में हिमाचल प्रदेश में पेपर लीक माफिया पनपा है और कहीं ना कहीं भाजपा सरकार इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेवार हैं और आने वाले समय में पेपर लीक माफिया को लेकर बड़े खुलासे भी होने वाले हैं। यह बात मंगलवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कही।
सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि पिछले 5 साल में गलत तरीके से सरकारी भर्तियां हुई है और पूर्व सरकार की संलिप्ता भी इसमें हो सकती हैं। पुलिस पेपर लीक मामला पूर्व सरकार के समय का एक बड़ा उदाहरण है जिसको लेकर भी सरकार जांच कर रही हैं लेकिन पूर्व की भाजपा सरकार ने इसको लेकर भी गंभीरता नहीं दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेओए आईटी पेपर लीक मामले को लेकर फिलहाल एसआईटी जांच कर रही हैं। सरकार ने सभी भर्तियों को पोस्टपोन किया है और अगले 60 दिन के बाद फिर से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, क्योंकि आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं ऐसे में भर्तियों को जारी नहीं रखा जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती के लिए मैकेनिज्म तैयार कर रही हैं ताकि नौकरियों में पारदर्शिता आए और वर्षों से मेहनत कर रहे लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ कोई धोखा ना हो। मुख्यमंत्री ने साफ दावा किया कि हिमाचल में जीरो टोलरेंस करप्शन फ्री सरकार देना कांग्रेस का वादा है और इसी दिशा में सरकार आगे भी बढ़ रही हैं।
बता दें कि हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की महिला कर्मचारी की जेओए आईटी पेपर लीक में गिरफ्तारी के बाद सरकार ने हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को सस्पेंड कर दिया हैं। इसके साथ ही आयोग की ओर से करवाई जाने वाली भर्तियों पर भी रोक लगा दी गई हैं।
