बीबीएन: जगत सिंह- नालागढ़ के जोघों गांव में नए लग रहे क्रेशर के विरोध में ग्रामीण कई महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बारे में एसडीएम नालागढ़ को भी तीन बार ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल शिकायतें दे चुका है लेकिन इस पर ना तो प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है और ना ही एसडीएम की ओर से क्रेशर को रुकवाने का कोई एक्शन लिया गया है। जिसके चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखा जा रहा है ।
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जहां प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वही क्रेशर का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है और बिल्डिंग व बोरवेल भी क्रेशर मालिक द्वारा लगवा दिया गया है । वहीं अब ग्रामीणों को अपनी खेती और जल स्तर एवं प्रदूषण फैलने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने इस बारे स्थानीय प्रशासन और सरकार को चेतावनी देकर कहा है कि अगर जल्द ही इस नए लगने वाले क्रेशर का निर्माण कार्य नहीं रुकवाया गया तो वह आत्मदाह करने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और सरकार की होगी।
खेती को होगा नुकसान, पानी की होगी किल्लत
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पहले ही खेतों को पानी लगाने के लिए पेयजल की दिक्कत है और अगर यहां पर क्रेशर लगता है तो पानी का जलस्तर और नीचे चला जाएगा, क्योंकि क्रेशर में 24 घंटे बोरवेल से पानी चलता है और आसपास के बोरवेलों का पानी सूखने की कगार पर आ जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुएं में तो पानी सूख चुका है और उसके बाद नदी में भी पानी खत्म हो चुका है और अब बोरवेल के सहारे ही ग्रामीण खेती करने को मजबूर है । अगर बोरवैलों का पानी भी खत्म हो गया तो किसान मरने की कगार पर आ जाएंगे। ग्रामीणों का कहना है कि क्रेशर लगाने से आसपास की खेती नष्ट हो जाएगी । ग्रामीणों ने इस करैशर को बंद करवाने की मांग उठाई है।
