संजु चौधरी, शिमला: नव वर्ष के मौके पर प्रदेश सरकार अनाथ ओर बेसहारा बच्चों का सहारा बनी हैं। सरकार ने रविवार को नव वर्ष के मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अनाथ बच्चों, एकल नारियों की शिक्षा व अन्य सहायता के लिए “मुख्यमंत्री सुखाशय सहायता कोष” स्थापित किया हैं। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 6 हजार अनाथ बच्चों और एकल नारियों को स्कूली शिक्षा के साथ ही किसी भी प्रकार की उच्चतर शिक्षा ओर जीवन यापन से संबंधित अन्य कोर्सों के लिए सहायता देगी।
वहीं एकल नारियों को शादी तक में वित्तीय मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने रविवार को शिमला में इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि इन अनाथ बच्चों के लिए माता-पिता की भूमिका सरकार निभाएगी और इन्हें त्योहारों में फेस्टिव भत्ता देने के साथ ही जेब खर्च जैसी मूलभूत जरूरतों में भी मदद की जाएगी ।
मुख्यमंत्री सुखाशय सहायता कोष का एलान करते हुए शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि अनाथ बच्चों के लिए यह योजना सहायता नहीं बल्कि उनका सरकार पर अधिकार हैं। उन्होंने बताया कि इन बच्चों को अपनी शिक्षा ओर मूलभूत जरूरतों के लिए माता पिता की तरह सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी जिसके लिए 101 करोड रुपए का यह कोष स्थापित किया गया हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत इन बच्चों को स्कूली शिक्षा के अलावा डॉक्टर, इंजीनियर, पैरामेडिकल ,मेडिकल ओर किसी भी प्रकार की उच्चतर डिग्री या डिप्लोमा ओर जीवन यापन से संबंधित विभिन्न कोर्सों के लिए फीस के अलावा अन्य मूलभूत खर्च भी प्रदान किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन अनाथ बच्चों को अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए पैसों की कमी महसूस ना हो इसलिए त्योहारों के समय फेस्टिव भत्ते के अलावा एकल नारियों को शादी तक में वित्तीय मदद की जाएगी ।
कांग्रेस के 40 विधायक कोष ने पहले वेतन से देंगें 1-1लाख की मदद
इस कोष में कांग्रेस के मौजूदा 40 विधायकों द्वारा इस सरकार में अपनी पहली वेतन में से 1-1 लाख की राशी मदद के लिए दी जाएगी ।
