मंडी,धर्मवीर(TSN)-छोटी काशी मंडी में जारी अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान पहली बार भव्य इंटरनेशनल कल्चरल परेड़ का आयोजन किया।इस भव्य नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी।कल्चरल परेड़ को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।डीसी ऑफिस परिसर से शुरू इस भव्य कल्चरल परेड़ का मुख्य दृश्य सेरी मंच पर देखने को मिला,जहां सभी दलों ने अपनी-अपनी स्मृद्ध संस्कृति की झलक को पेश किया।एडीसी मंडी रोहित राठौर ने बताया कि प्रदेश सरकार और मंडी जिला प्रशासन के प्रयासों से यह आयोजन हो पाया है।प्रशासन का यही प्रयास है कि महोत्सव के दौरान हर बार कुछ नया किया जाए।उसी को ध्यान में रखते हुए इस बार इंटरनेशनल कल्चरल परेड़ का आयोजन किया गया है।उन्होंने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए सभी दलों और स्थानीय लोगों का प्रशासन की तरफ से आभार जताया।
कल्चरल परेड़ में दिखी 5 देशों और भारत के 20 स्थानों की संस्कृति की झलक
इस कल्चरल परेड़ में 5 देशों सहित भारत के 20 सांस्कृति दलों ने अपनी-अपनी स्मृद्ध संस्कृति की झलक को पेश किया।विदेशी दलों में यूक्रेन,थाईलैंड,श्रीलंका,मलेशिया और कजाकिस्तान से आए दल इस परेड़ का हिस्सा बने।वहीं, जम्मू-कश्मीर,पंजाब,हरियाणा,राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कलाकारों सहित हिमाचल के चंबा के पांगी-भरमौर,शिमला, लाहौल-स्पीति,कुल्लू, सिरमौर के कलाकारों ने भी इसमें भाग लिया।मंडी जिला के मांडव्य कला मंच,संगीत सदन, अमर युवक मंडल और संकल्प युवक मंडल के कलाकार भी इस सांस्कृतिक परेड में शामिल हुए। विदेशों से आए सांस्कृतिक दलों ने अपने अनुभवों को सांझा करते हुए बताया कि भारत में आकर शिवरात्रि महोत्सव में शामिल होना उनके लिए एक नया अनुभव है और उन्हें यहां काफी मजा आ रहा है।यहां की संस्कृति को जानने का मौका मिल रहा है।उन्होंने बताया कि उनके देशों में भी भगवान शिव को पूजा जाता है और शिवरात्रि पर हो रहे इस आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
भव्य था कल्चरल परेड़ का नजारा, देखते ही रह गए लोग
स्थानीय लोगों में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला।लोगों ने बताया कि यह आयोजन पहली बार हुआ। इसके माध्यम से देश-विदेश की विभिन्न संस्कृति की झलक देखने को मिली है और इसके माध्यम से काफी कुछ जानने का मौका भी मिला है। लोगों ने ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रखने का सुझाव दिया है।
