शिमला,03 अप्रैल — हिमाचल प्रदेश में उद्यमिता और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा कई नई पहलें शुरू की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश में स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की स्टार्ट-अप रैंकिंग में हिमाचल को उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों में स्थान मिला है, जो इन प्रयासों का परिणाम है।
राज्य सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में उद्योग निवेश को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए नई “हिम स्टार्ट-अप योजना” शुरू की जाएगी, जिसके तहत स्टार्ट-अप्स और इन्क्यूबेटर्स को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी।ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “वन डिस्ट्रिक्ट थ्री प्रोडक्ट” कार्यक्रम शुरू किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक जिला अपने तीन प्रमुख उत्पादों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहन देगा। इससे स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी और छोटे उद्यमों को मजबूती मिलेगी।
रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए “हिम सिल्क मिशन” भी शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। यह योजना खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगी।इसके अलावा, उद्योग विभाग द्वारा 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रतिमाह स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा।राज्य सरकार हरित उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
