हमीरपुर/ अरविंद-: जिले में शिवा प्रोजेक्ट के तहत तैयार किए गए फलों की मार्केटिंग को लेकर बागवानी विभाग ने पहल शुरू कर दी है। जिन बागवानों के बगीचों में अमरूद सहित अन्य फलों की पैदावार तैयार हो चुकी है, उन्हें अब उत्पाद को बेहतर दामों पर बाजार तक पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन दिया जाएगा।इसी उद्देश्य से बागवानी विभाग ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें जिले की नौ सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभाग की योजना है कि इन सहकारी समितियों के माध्यम से भी बागवानों की फल पैदावार को एकत्र कर उपयुक्त बाजारों तक पहुंचाया जाए। इसके अलावा बागवानों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फल खरीदने वाली एजेंसियों से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
कार्यशाला में देश की प्रमुख कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के प्रतिनिधि भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। उन्होंने बागवानों के साथ फल विपणन, बाजार की संभावनाओं और उत्पाद को बेहतर तरीके से बाजार तक पहुंचाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। फल खरीदने वाली अन्य एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में भाग लेकर बागवानों को बाजार से जुड़ने के विकल्पों की जानकारी दी।गौरतलब है कि फसल तैयार होने के बाद किसानों और बागवानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी उपज के लिए उचित बाजार और बेहतर मूल्य हासिल करना होती है। विभाग का प्रयास है कि इस समस्या का समाधान सहकारी समितियों और ऑनलाइन बाजार व्यवस्था के माध्यम से किया जाए।बागवानी विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि शिवा प्रोजेक्ट के तहत जिन बागवानों की फल फसल तैयार हो चुकी है, उन्हें बाजार तक पहुंचाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में एपीडा के प्रतिनिधियों ने भी बागवानों से विस्तृत चर्चा की। विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से बागवानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा और उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सकेगा।

