संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 25 दिसंबर को करवाई जाने वाली जे ओ ए आईटी पोस्ट कोड कोड 965 का पेपर लीक होने के बाद प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आयोग की फंक्शनिंग को सस्पेंड कर दिया हैं। आयोग की ओर से करवाई जाने वाली भर्तियों पर भी सरकार ने आगामी आदेशों तक रोक लगा दी हैं। प्रदेश सरकार के इस फ़ैसले से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी बेहद खुश हैं, लेकिन दूसरी और इन अभ्यर्थियों को अपने भविष्य की चिंता भी सता रही हैं। यही वजह भी है कि यह अभ्यर्थी मंगलवार को अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचे।
अभ्यर्थियों ने शिमला सचिवालय पहुंच कर सीएम से परीक्षाओं को रद्द न करने की गुहार लगाई हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक माफिया पर बड़ी कार्रवाई की है जिसका वे स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि चयन आयोग के अंदर अगर पेपर लीक माफिया काम रहा है तो कई कई वर्षों से एग्जाम की तैयारी कर रहे बच्चों को रोजगार कैसे मिलेगा। उन्होंने मांग की हैं कि सरकार पूरे मामले की गहनता से जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे डाले लेकिन जो एग्जाम हो चुके है जिन बच्चों ने मेहनत से एग्जाम पास कर लिया है उनकी भर्ती रद्द न की जाए।
