मंडी : धर्मवीर ( TSN)- फेस्टिवल सीजन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिला में लगातार खाद्य वस्तुओं के सैंपल भर रही है। विभाग की इस कार्रवाई से मिलावट खोर दुकानदारों में हड़कंप मचा हुआ है। वीरवार को विभागीय टीम ने मंडी से कोटली तक निरीक्षण कर करीब एक दर्जन हलवाइयों के पास से स्वास्थ्य के लिए घातक रंग काट पकड़ा है। टीम ने एक हलवाई के पास एक्सपायर रंग भी पकड़ा है। इसके अलावा भी विभागीय टीम ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई अमल पर लाई है। त्योहारी सीजन के चलते मिठाइयों की अधिक खपत को देखते हुए मिलावट व अन्य चीजों को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंडी से लेकर कोटली तक किया निरीक्षण
मंडी से कोटली तक निरीक्षण करते हुए विभागीय टीम ने करीब एक दर्जन हलवाइयों से रंग काट बरामद किया। इसे देखकर खुद अधिकारी दंग रह गए। रंग काट को कपड़े में लगे कलर के दाग को मिटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कुछ हलवाई इसका इस्तेमाल चीनी व अन्य चीजें साफ करने में इस्तेमाल कर रहे थे। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। मौके पर ही इन हलवाइयों का स्पॉट मेमो काटा गया। वहीं, एक हलवाई के पास एक्सपायर रंग पकड़ा गया। रंग काट व एक्सपायर रंग को नष्ट किया गया। एक हलवाई ने मिठाइयों को अखबार पर रखा था। जिस पर भी नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई गई। बिना लाइसेंस व पंजीकरण कारोबार करने पर टीम ने एक चालान काटा। इसके अलावा विभागीय टीम ने मंडी से कोटली तक निरीक्षण करते हुए छह मिठाइयों व एक बिस्कुट का सैंपल भरा। जिन्हें जांच के लिए कंडाघाट स्थित लैब भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई अमल पर लाई जाएगी। मिठाइयों में मिल्क केक, रसगुले, गुलाब जामुन, बेसन, बर्फी व अन्य शामिल है।
वहीं जब इस बारे में खाद्य सुरक्षा विभाग सहायक आयुक्त एलडी ठाकुर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि रंग काट का इस्तेमाल खाद्य पदार्थ में नहीं किया जा सकता है। वीरवार को दुकानदारों से जो रंग काट मिला है उसे मौके पर ही नष्ट करवाया गया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी हलवाई गुणवता पर फोकस करें और उपभोक्ता भी मिठाई या अन्य कोई भी खाद्य सामग्री जांच पड़ताल करने के बाद ही खरीदें।
