Una, Rakesh-अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से भारतीय सेना के जांबाज सिपाही हवलदार अरुण कुमार शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव चताड़ा (कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र) पहुंचने पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनकी शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
देश की सेवा में समर्पित अरुण कुमार अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। श्रद्धांजलि देने के लिए सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, कुटलैहड़ विधानसभा के दोनों पूर्व विधायक और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।गांव “अरुण कुमार अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। पार्थिव शरीर के दर्शन करते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बच्चे अपने पिता को देख फूट-फूटकर रो पड़े और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था।
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, “देश की रक्षा में भारतीय सेना का योगदान अमूल्य है, और वीरभूमि हिमाचल का बलिदान अतुलनीय है। ग्राम चताड़ा के वीर जवान अरुण कुमार लक्की जी की वीरता और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
