शिमला: शिमला में हो रही बारिश ने जहां पहले ही लोगों की रोजमर्रा कीजिंदगी को प्रभावित किया है तो वहीं इस बारिश की वजह से अब लोगों को शिमला में जलसंकट का भी सामना करना पड़ रहा है। बारिश की वजह से पेयजल परियोजनाओं में गाद आ गई है, जिसके चलते शहर में पानी का संकट खड़ा हो गया है। शहर में रविवार को पानी की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित रही है। रविवार को शिमला शहर के लिए केवल 6.62 एमएलडी पानी की ही आपूर्ति ही हो पाई। रविवार को केवल शिमला शहर में अस्पतालों को ही पानी की आपूर्ति दी गई, जबकि शहर में लोगों को पानी नहीं मिला पाया।
जल निगम ने रविवार को परियोजनाओं से गाद निकालने का काम शुरू किया गया और जेसीबी से गाद निकाली जा रही है। जल निगम का दावा है सोमवार शाम तक स्तिथि सामान्य हो जाएगी जिसके बाद शहर में पानी की सप्लाई दी जाएगी। सोमवार को भी शहर में लोगो को पानी नही मिल पाएगा। शहर के शौचालय ओर अस्पताल में टेंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश होने से पानी का संकट और भी बढ़ सकता है।
जल निगम के एमडी पंकज ललित का कहना है कि पेयजल स्रोतों में आई गाद के कारण रविवार को पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। शिमला जल प्रबंधन निगम ने रविवार को अस्पतालों को प्राथमिकता के आधार पर पानी दिया है। गाद की समस्या से निपटने के लिए हम प्रयासरत हैं। लोगों को पेयजल की दिक्कत न हो, इसका खास ध्यान रखा जा रहा है और जहां आवश्यकता है वहां पर टैंकरों के माध्यम से भी पानी उपलबध करवाया जा रहा है।
शहर में 45 से 46 एमएलडी पानी की जरूरत
शिमला शहर में हर रोज 45 एमएलडी पानी की जरूरत रहती है। शहर में गिरि, गुम्मा, सियोग, चैयड़, चुरट, कोटी ब्रांडी से शहर को जलापूर्ति होती है और आजकल सबसे अधिक परेशानी गिरि योजना में गाद आने के कारण हो रही है। यहां करीब 18 से 24 एमएलडी तक पानी आता है, लेकिन गाद के चलते यहां पर अब छह से सात एमएलडी ही पानी आ पा रहा है।रविवार को गिरी पम्पिंग नहीं हो पाई है। इसके अलावा गुम्मा से भी काफी कम पानी मिल पाया है।
