Sanju, Shimla: वर्ष 2023 की विनाशकारी आपदा से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश को अब तक केंद्र सरकार से पूरी राहत नहीं मिली है। अनुमानित 10,000 करोड़ रुपये के नुकसान के मुकाबले राज्य को महज 2,000 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। इस पर प्रदेश सरकार ने नाराज़गी जताई है।
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने केंद्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान हजारों लोग बेघर हुए, और सड़क, बिजली, जलापूर्ति समेत तमाम बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। प्रदेश सरकार ने अपनी सीमित क्षमताओं के बावजूद 4,500 करोड़ रुपये राहत कार्यों में खर्च किए, लेकिन केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।
चौहान ने यह भी कहा कि हिमाचल से जुड़े भाजपा के वरिष्ठ नेता, विशेषकर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, राज्य के हितों की प्रभावी पैरवी करने में विफल रहे हैं।
पोंटा साहिब रैली पर सियासी वार
इसके साथ ही, पोंटा साहिब में आयोजित भाजपा की रैली को लेकर भी नरेश चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा सरकारी अधिकारियों को धमकाने की कोशिश की गई, और धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास भी हुआ, जिसे उन्होंने निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
