संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल किसान कांग्रेस ने सेब के लिए एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने की मांग की हैं। शिमला में मंगलवार को पत्रकार वार्ता के दौरान किसान कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कंवर रविंद्र सिंह ने कहा कि अभी तक इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित नहीं किया गया हैं। ऐसे में मंडियों के उतार चढ़ाव से इसके रेट पर असर पड़ता हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह स्वामीनाथन की रिपोर्ट पर अनाज के लिए दाम तय किए गए है, उसी तरह सेब और आम के लिए भी समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाना चाहिए।
उन्होंने सेब को वजन के हिसाब से बेचने की व्यवस्था करने के लिए सरकार का आभार जताया, लेकिन साथ में कहा कि सेब की पैकिंग के लिए यूनिवर्सल कार्टन लागू किया जाना चाहिए। रविंद्र सिंह ने फसलों के लिए मौजूदा बीमा योजना के मुआवजे की प्रक्रिया को भी गलत बताया और कहा कि इसके लिए प्रधान और पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा तय किया जाना चाहिए। रविंद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ किसान कांग्रेस की एक बैठक होगी जिसमें बागवानों और किसानों की ये सभी मांगें रखी जाएंगी। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा गया हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सेब को वजन के हिसाब से बेचने के लिए व्यवस्था की हैं।अब अधिकतम 24 किलो सेब की पेटी ही मार्केट में बिकेगी।अभी तक मार्केट में 28 किलो, 32 किलो और यहां तक 35 किलो तक के पेटी बागवानों से भरी जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार अब यूनिवर्सल कार्टन सेब के लिए लागू किए जाने चाहिए। अगर इस सीजन में यूनिवर्सल कार्टन में लागू न हो, तो अगले सीजन में जरूर लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने की भी मांग की और कहा कि मौजूदा समय में इसकी लिमिट महंगाई को देखते हुए बहुत कम हैं,इसलिए इसको बढ़ाया जाना जरूरी हैं। इस पर लगने वाले ब्जाज को भी कम करने की जरूरत हैं। उन्होंने फूलों की खेती के साथ साथ बी कीपिंग को भी बढ़ावा देने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में पांपरिक जल स्त्रोतों को संरक्षित करने की भी जरूरत बताई। इसके अलावा सरकार से एपीएमसी और अन्य बोर्डों में किसान कांग्रेस को भी प्रतिनिधत्व देने की गुहार सरकार से लगाई हैं।
केंद्र सरकार के 50 रुपए किलो के रेट से आयात होने वाले सेब पर रोक लगाने का हिमाचल कांग्रेस ने स्वागत किया है, साथ में यह भी कहा कि कम से कम 100 रुपए प्रति किलो तक के सेब आयात पर रोक लगाई जानी चाहिए।
