राहुल चावला,धर्मशाला: अभी जहां हाल ही के दिनों में निचले हिमाचल को मौसम की मार ने किसानों-बागवानों की कमर तोड़ कर रख दी हैं,तो वहीं आंधी-तूफान ने आमोख़ास को भी कई जख्म दिए हैं। एक रात में चंद घंटों के लिए आए तूफ़ान ने बिजली विभाग को भी करोड़ों का चूना लगा दिया हैं। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रसिटी बोर्ड उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला से संचालित होने वाले चंबा, ऊना और कांगड़ा की बात की जाए तो महज एक रात के अंतराल में ही बिजली विभाग को पौने दो करोड़ रुपए की चपत इस तूफ़ान की वजह से लग चुकी हैं।
तूफ़ान से सबसे ज्यादा कांगड़ा जिला प्रभावित हुआ हैं। कांगड़ा में बिजली विभाग को करीब 68 लाख रुपए का नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई करने में बिजली विभाग के ख़जाने में अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला हैं। वहीं चंबा के डलहौजी सर्कल में करीब 22 लाख तो ऊना में दस से 12 लाख रुपए की चपत लगी बिजली विभाग को लगी हैं।.इसमें चंबा सर्कल में और भी ज्यादा नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, यानी कुल मिलाकर इन तीनों जिलों में करीब पौने दो करोड़ रुपए का नुकसान विभाग को झेलना पड़ गया हैं।
बिजली विभाग के उत्तरी क्षेत्र के मुख्य अभियंता अजय गौतम की मानें तो इस आंधी तूफान में सबसे ज्यादा नुकसान कांगड़ा के शाहपुर, धर्मशाला और पालमपुर क्षेत्र में सामने आया हैं। उन्होंने कहा कि बीती रात को आए तूफान में शाहपुर की 33 केवी लाइन भी डैमेज हो गई थी, जिसे बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रात्रि पैट्रोलिंग कर दुरुस्त किया हैं। अजय गौतम ने कहा कि इस घटना में उनके विभाग से संबंधित शाहपुर डिविजन के एसडीओ भी घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इस दौरान उनके कर्मचारियों ने रात-दिन फील्ड में रहकर काम किया ताकि कहीं भी बिजली स्पलाई बाधित न हो फिर भी कांगड़ा में अभी तक दो ट्रांसफार्मर ठप पड़े हैं जबकि चंबा में ये संख्या और भी अधिक हैं। चंबा मर अभी भी 85 के करीब ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे जहां विभाग कड़ी मशक्कत कर रहा हैं।
