मंडी : परी शर्मा – कृषि क्षेत्र में हिमाचल में जिला मंडी के तहत करसोग के नांज गांव के नेकराम शर्मा को पद्मश्री से नवाजा जाएगा। नेकराम शर्मा पिछले करीब 20 सालों से प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद 9 अनाजों की पारंपरिक फसल प्रणाली को पुनर्जीवित करने का नेक कार्य कर रहे हैं। जिसके लिए नेकराम शर्मा को पद्मश्री से नवाजा जाएगा।
रसायनिक खेती छोड़ शुरू की थी प्राकृतिक खेती
नाज गांव के साधारण परिवार में जन्मे नेकराम शर्मा वर्ष 1992 से प्राकृतिक खेती से जुड़े हैं। इससे पहले नेकराम शर्मा रसायनिक खेती करते थे, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभाव को देखते हुए नेकराम शर्मा ने जहर वाली खेती को छोड़कर करीब 20 साल पहले 6 बीघा भूमि पर प्राकृतिक खेती की तकनीक से जुड़ने के लिए कदम बढ़ाए। इसके लिए उन्होंने सोलन में स्थित डॉ. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के प्रोफेसर डॉ जेपी उपाध्याय से ट्रेनिंग के दौरान प्राकृतिक खेती के टिप्स लिए। इसके अतिरिक्त नेकराम शर्मा ने बेगलुरु में स्थित कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय धारवाड़ से भी प्राकृतिक खेती की तकनीक की जानकारी हासिल की।
गलत खानपान के कारण है बीमारिया
नेक राम शर्मा ने बताया कि यह उनकी जिंदगी का लंबा सफर रहा, वे किसान है । उनके पिता दादा भी खेतीबाड़ी करते थे। पढ़ाई करने के बाद वे भी नौकरी की तलाश में भटके लेकिन नौकरी नही मिली, जिसके बाद वे खेतीबाड़ी में जुट गए। उन्होंने बताया कि उन्हे कभी अवार्ड नही मिला और जब अवार्ड मिल रहा है तो उन्हे यकीन नही हो रहा है। वो बताते है कि ये सपने जैसा है वे अपनी बात मीडिया में नही देते उनका सीधा रिश्ता किसानों से है। उनका मानना है कि जो खेतों में उगेगा वही पेट में जाएगा। आज बीमारियां चरम सीमा पर पहुंच चुकी है जिसका मुख्य कारण गलत खानपान है।
अन्न तभी मिलेगा जब करेंगे खेती बाड़ी
नेक राम शर्मा बताते है कि कृषि विभाग, विश्वविद्यालय और पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत के मार्गदर्शन से वे आगे बढ़े है। पहले वे खेती बाड़ी के लिए स्वतंत्र थे लेकिन अब सम्मान मिलने के बाद नैतिक तौर पर उनकी जिम्मेदारियां बढ़ गई है। खेती छोड रहे किसानों से उन्होने कहा कि आखिर में खेतीबाड़ी ही काम आएगी क्योकि ये एक ऐसा व्यवसाय है जो कभी खत्म नही होगा। हमे जिंदगी जीने के लिए अन्न चाहिए और अन्न तभी मिलेगा जब खेती बाड़ी करेगे। मिट्टी को मां समझकर प्यार करेगें, बिना जहर दिए खेती बाड़ी करेगे तो हम अपना स्वास्थ्य अच्छा रखेगें। उन्होंने कहा कि लोग खेती ना छोड़े बल्कि किचन गार्डन या अन्य तरह की खेती करे।
