कुल्लू : मनमिंन्द्र अरोड़ा -विश्व की सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में शुमार श्रीखंड महादेव की यात्रा इस बार 7 जुलाई से 20 जुलाई तक होगी। बरसात को देखते हुए श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट ने यह यात्रा जल्दी कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। अधिकृत तौर पर देशभर के श्रद्धालु श्रीखंड महादेव के दर्शन 7 से 20 जुलाई तक कर सकेंगे।
उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक
कुल्लू में हुई श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। पिछले साल यह पवित्र यात्रा 11 जुलाई से शुरू हुई थी। जानकारी के अनुसार श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों व सदस्यों ने बरसात के मौसम को देखते हुए यात्रा को जुलाई के पहले सप्ताह से शुरू करने की बात रखी थी। दो विकल्प रखते हुए एक से 15 जुलाई या 5 से 20 जुलाई तक यात्रा शुरू करने का प्रस्ताव बैठक के एजेंडे में पहले स्थान पर शामिल किया गया। जिला उपायुक्त आशुतोष गर्ग की अध्यक्षता में हुई ट्रस्ट की बैठक यात्रा की अवधि और तैयारियों से जुड़े अन्य कई बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में जिलेभर से 40 से अधिक अधिकारियों व ट्रस्ट के सदस्यों ने भाग लिया। 18570 फीट ऊंचे श्रीखंड महादेव में मई में भी हुई बर्फबारी और इसके असर पर भी चर्चा की गई। विस्तृत चर्चा के बाद इस बार अधिकृत तौर पर यात्रा 7 से 20 जुलाई तक करवाने का फैसला किया गया।
करीब 30 किमी की पैदल यात्रा
जिला कुल्लू के 18,570 फीट की ऊंचाई पर विराजमान भगवान श्रीखंड महादेव के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। जिला के बाह्य सराज निरमंड से आगे जाओं नामक स्थान से करीब 30 किमी पैदल यात्रा कर भक्त श्रीखंड पहुंचते हैं। संकरी, खड़ी और कठिन चढ़ाई में भक्तों को सिंहगाड़, थाचडू, नयन सरोवर, भीमडवारी और पार्वती बाग जैसे सुंदर स्थानों का दर्शन करने का अवसर मिलता है। इसके बाद श्रद्धालुओं को श्रीखंड महादेव के दर्शन होते हैं।
