मंडी/परी शर्मा: हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 12 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में प्रदेश के मतदाताओं ने भी सोच विचार करना शुरू कर दिया है कि वे हिमाचल में रिवाज बदलने को लेकर मतदान करेगें या फिर मंहगाई, बेरोजगारी के खिलाफ मत का प्रयोग करेगें। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के मतदाताओं का किस ओर रूझान है इसको लेकर द समर न्यूज़ से बातचीत की गई।

मंडी जिला के मतदातों ने बताई मन की बात
मतदाताओं ने मंहगाई बेरोजगारी और ओपीएस पर बोलते हुए कहा कि मंडी की जनता जयराम सरकार से प्रसन्न है और सरकार रिपीट हो जाए, यही चाहती है। कईयों का कहना है बेरोजगारी उसके लिए है जिसने कही रोजगार नहीं करना है। जिसने काम करना है, उसके लिए कई तरह की योजनाए चलाई है। वही ओपीए पर लोगों का कहना है कि ओपीएस को केवल डबल इंजन की सरकार ही बहाल कर सकती है।
युवा वर्ग निराशा बोले, नही बदलेगा रिवाज, अग्निपथ योजना के खिलाफ होगा मतदान
जहां एक और कई लोग भाजपा के पक्ष में मन बनाए हुए है, तो युवा वर्ग जयराम सरकार से काफी निराश है। उनका कहना है कि हिमाचल प्रदेश में रिवाज नहीं बदलने वाला है। बेरोजगारी के खिलाफ वोट देने के लिए युवा तत्पर है। अगिनपथ स्कीम का विरोध भी वोट के माध्यम से किया जाएगा, जिसका कांग्रेस को फायदा होगा। रोजगार को लेकर उन्होने कहा कि रोजगार केवल सराज और धर्मपुर को ही मिला है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में नई सरकार बनाने के लिए 12 नवंबर को वोट पड़ेगें। जहां भाजपा रिवाज बदलने की बात करती है वहीं कांग्रेस ने भी सता में आने के दावे किए है। मतदाताओं ने अपना मन बना लिया है कि वे किस पार्टी के पक्ष में मतदान करेगें और किसके नहीं। अब ये तो 8 दिसंबर तो ही तय होगा की कौन सता में होगा और कौन विपक्ष में।
