संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन की शुरुआत हो चुकी हैं। सेब मंडियों में अर्ली वैरायटी के सेब का दस्तक दे चुका हैं। जल्द ही सेब सीजन रफ्तार पकड़ता हुआ नजर आएगा। इस बीच हिमाचल प्रदेश सरकार में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कृषि और बागवानी विभाग के अधिकारियों के साथ जिला उपायुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक के साथ बुधवार को एक बैठक की। इस बैठक में ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने और स्थापित किए गए कंट्रोल रूम की समीक्षा की गई।
बैठक के बाद बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि यह बैठक विभाग की आंतरिक बैठक थी। सेब बागवानों को सीजन के दौरान कोई परेशानी न आए, इसे लेकर बैठक का आयोजन किया गया था। पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल पर जगत सिंह नेगी ने बताया कि फिलहाल 24 किलो की सीलिंग हटाने पर कोई फ़ैसला नहीं लिया गया हैं। गुरुवार को एक बार फिर बैठक होगी। इस बैठक में बागवानों के साथ बातचीत होगीम बैठक के बाद ही 24 किलो की सीलिंग हटाने या न हटाने पर कोई फैसला होगा।
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि सेब सीजन में सेब किलो के मुताबिक बिक रहा हैं। इससे न तो बागवान को कोई परेशानी है और न ही आढ़ती को। कुछ लोग इसे लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियम लागू करने से पहले सभी स्टेकहोल्डर से बात की गई थी। एक अन्य प्रश्न के जवाब में जगत सिंह नेगी ने कहा कि पेटी से सेब का वजन नहीं काटा जा रहा हैं। केवल कार्टन का वजन ही कट रहा हैं। ऐसे में बागवानों को परेशान होने की जरूरत नहीं हैं।
बता दें कि अमूमन बाहरी राज्यों से प्रदेश में सेब सीजन के दौरान आने वाले ट्रक गायब हो जाते हैं। इसे लेकर भी सरकार ने नया प्रावधान किया हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले ट्रकों के लिए जीपीएस अनिवार्य किया गया हैं। जीपीएस के जरिए ट्रक की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी। बागवानी मंत्री ने बताया कि सरकार सेब सीजन को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। मानसून के दौरान अलग-अलग विभागों को करीब 200 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ हैं। बागवानी मंत्री ने कहा कि सरकार बागवानों को कोई परेशानी नहीं होने देगी।
