राहुल चावला, धर्मशाला: युवा पीढ़ी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से किस तरह देश सेवा कर सकती है, इस विषय को लेकर कार्य करने की जरूरत है। यह बात प्रदेश के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ अर्लेकर ने मंगलवार को धर्मशाला कॉलेज के ऑडिटोरियम में गणितज्ञ राधानाथ सिकदर के भारत के स्वाधीनता संग्राम में भूमिका विषय पर आयोजित कार्यक्रमों के समापन अवसर पर कही। राज्यपाल ने इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
विज्ञान भारती ओर संस्कृति मंत्रालय के आजादी का अमृत महोत्सव की कड़ी में केंद्रीय विश्वविद्यालय ओर राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल ने कहा कि सभी ने मिलकर आजादी के प्रयासों में वैज्ञानिकों के दृष्टिकोण पर कार्यक्रम आयोजित करके बेहतरीन कार्य किया है। युवा पीढ़ी आगामी 25 वर्षों के लिए क्या कर सकती है, इस पर मैंने युवाओं का मार्गदर्शन किया है।
इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला के प्राचार्य डॉ. राजेश शर्मा, एनटीइएफ के अध्यक्ष तथा आईआईटी के प्रो. अनिल डी सहस्राबुद्धे, अमृत महोत्सव की निदेशक प्रियंका, विभा (भारत) की सचिव प्रवीण रामदास विशेष अतिथि, एनआईटी, हमीरपुर के निदेशक एचएम सूर्यवंशी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं एचपीयूटी के उपकुलुपति ओर विभा (भारत) के संगठन सचिव प्रो. शशी के धीमान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
