राहुल चावला, धर्मशाला (TSN): जिला कांगड़ा की चार पैराग्लाइडिंग साइट पर पैराग्लाइडिंग करने पर लगाया गया प्रतिबंध 16 सितंबर से हट रहा हैं। सभी पैराग्लाइडिंग साइट पर एक बार फिर से मानव परिंदे उड़ते हुए नजर आएंगे। जिला की सभी चार साइट्स पर पैराग्लाइडिंग एक्टिविटीज शुरू होने जा रही हैं। दो माह के प्रतिबंध के बाद 16 सितंबर से पैराग्लाइडिंग शुरू हो जाएगी। जिला में बीड़-बिलिंग, इंद्रूनाग, नरवाणा और ज्वालाजी में पैराग्लाइडिंग साइटस हैं।
पैराग्लाइडिंग एक्टिविटी शुरू होने से पहले साइटस पर मार्शल की एप्वाइंटमेंट सहित फ्लायर्स की सुरक्षा अहम रहती हैं। साथ ही पैराग्लाइडिंग करवाने वाले पायलटस के उपकरणों की जांच, क्या उपकरण सर्टिफाइड हैं या नहीं, यह सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाती हैं। बीड़-बिलिंग साइट पर मार्शल की एप्वाइंटमेंट पहले से है ओर यह काम साडा देख रही है, जबकि जिला की अन्य तीन साइटस यानी इंद्रु नाग, नरवाणा और ज्वालाजी में मार्शल एप्वाइंटमेंट की व्यवस्था जिला स्पोर्टस क्लब देखेगा। इसके साथ ही चारों साइटस पर फ्लायर्स की सुरक्षा को लेकर पर्यटन विभाग की ओर से व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी कांगड़ा विनय धीमान ने कहा कि जिला की चार साइटस पर 16 सितंबर से पैराग्लाइडिंग एक्टिविटी शुरू हो रही हैं। इसके लिए मार्शल की नियुक्ति बीड़-बिलिंग में है ओर वहां यह कार्य साडा देख रही है, जबकि तीन साइटस में मार्शल की नियुक्ति सहित अन्य व्यवस्थाएं जिला स्पोटर्स क्लब देखेगा। फ्लायर्स की सुरक्षा को व्यवस्थाएं बनाई जा रही हैं। 16 से ही ट्रैकिंग भी शुरू हो जाएगी।
सर्टिफाइड उपकरण का हो इस्तेमाल
प्रतिबंध के बाद पैराग्लाइडिंग शुरू करने से पहले विभाग की टीम की ओर से यह सुनिश्चित किया जाता है कि साइटस पर पैराग्लाइडिंग उपकरण हैं, वो सर्टिफाइड हैं या नहीं, पायलटस को सर्टिफाइड उपकरण ही इस्तेमाल करने के निर्देश जारी किए जाते हैं।
क्वालीफाइड व लाइसेंस पायलट को अनुमति
इसके अतिरिक्त क्वालीफाइड व लाइसेंस वाले पायलट को ही पैराग्लाइडिंग एक्टिविटी, टेंडम फ्लाइटस के लिए अनुमति प्रदान की जाती है। यदि कोई नियमों की अवहेलना करता है तो एचपीडीआर एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाती है।
ट्रैकिंग भी 16 से हो जाएगी शुरू
16 सितंबर से ही जिला के सभी ट्रैकिंग रूटस पर लगी बंदिशें हट जाएंगी ओर ट्रैकिंग शुरू हो जाएगी। बरसात के चलते ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब ट्रैकिंग पर से प्रतिबंध हटने वाला है, ऐसे में पर्यटन विभाग का कहना है कि जो भी लोग ट्रैकिंग के लिए जाते हैं, वे अपने आपरेटर्स को सूचित कर जाएं, क्योंकि अनआर्गेनाइड टूअर में हमेशा खतरा रहता हैं।
