ब्यूरो,शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की सादगी की हिमाचल की जनता मुरीद होती जा रही हैं। मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के लिए जो फ़िक्र हैं ओर जितने आराम से वे उनके पास आने वाले हर व्यक्ति ओर कर्मचारी की बात सुनते हैं उससे वह जनता का दिल जीत रहे हैं। शुक्रवार को राज्य अतिथि गृह पीटर हॉफ में भी मुख्यमंत्री ने इस बात को सार्थक कर दिखाया हैं। उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया हैं कि सत्ता का रंग न उन पर चढ़ा हैं, न चढ़ेगा।
शुक्रवार को जब मुख्यमंत्री राज्य अतिथि गृह पीटर हॉफ में जनसमस्याएं सुन रहे थे। जैसे ही वह लोगों की लंबी कतार के अंत में पहुंचे, अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखनी शुरू की। मसला गंभीर होने के कारण मुख्यमंत्री ने इसे इत्मिनान से सुनना चाहा। जहां वह खड़े थे, उससे कुछ ही दूरी पर उनके बैठने के किए कुर्सियों का प्रबंध था, लेकिन उन्होंने कुर्सी पर बैठने के बजाए पास ही लगे एक बैंच पर बैठकर अधिकारियों की बात सुननी शुरू कर दी। उन्होंने साथ में कुछ अधिकारियों को भी बैठा लिया। इसे देखकर आसपास खड़े लोग कहने लगे कि मुख्यमंत्री हो तो ऐसा।
सुखविंदर सिंह सुक्खू मुख्यमंत्री बनने के बाद पहले भी कई बार अपनी सादगी का परिचय दे चुके हैं। उनका घागस में बिलासपुर रोड पर बागी बिनौला में बहादुर ढाबे पर मक्की की रोटी व माह की दाल और कड़ी के साथ डिनर करना। श्रीनगर में फाइव स्टार होटल में न रुककर आम सरकारी गेस्ट हाऊस में रात को रुकना। चार्टड प्लेन से न आकर साधारण फ्लाइट से दिल्ली आना लोगों के दिल को छू रहा हैं।
