धर्मशाला, राहुल-:धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश सेंट्रल यूनिवर्सिटी के भौतिकी एवं खगोलीय विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सह गोलमेज चर्चा “आईसीटीआरआईबीटी-2026” का भव्य शुभारंभ बीएड कॉलेज के मल्टीपर्पज हॉल में हुआ। सम्मेलन का विषय ‘बीम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुप्रयुक्त अनुसंधान एवं नवाचार’ रखा गया है, जिसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन के मुख्य संरक्षक एवं कुलपति प्रो. एस.पी. बंसल ने आयोजन को विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे अकादमिक मंच शोध एवं नवाचार को नई दिशा देते हैं। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. दिनेश कुमार रहे। उन्होंने भौतिकी विभाग की दूरदर्शी पहल की सराहना करते हुए कहा कि बीम प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान देश के वैज्ञानिक विकास को गति देगा।
सम्मेलन की संरक्षक प्रो. अर्चना शर्मा, एएनआरएफ प्रधानमंत्री प्रोफेसर, National Institute of Technology Raipur से जुड़ी हैं। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में Bhabha Atomic Research Centre के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रो. अशोक कुमार दास ने बीम प्रौद्योगिकी और ट्रांसलेशनल रिसर्च के व्यावहारिक आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अकादमिक शोध को उद्योग से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया।
तीन दिवसीय सम्मेलन में 40 आमंत्रित वक्ता और लगभग 120 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। तमिलनाडु, गुजरात, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।सम्मेलन का उद्देश्य बीम प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा देना, ट्रांसलेशनल अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा अकादमिक-औद्योगिक सहयोग को मजबूत बनाना है। कार्यक्रम के अंत में कुलपति प्रो. बंसल ने विभागाध्यक्ष प्रो. बी.सी. चौहान और उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। प्रो. चौहान ने कहा कि यह सम्मेलन शोधार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
