राहुल चावला, धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा खनन रॉयल्टी दरों में किए गए संशोधन के बाद जिला कांगड़ा में खनन विभाग को राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि नई दरों के लागू होने से खनन गतिविधियों से मिलने वाली आय में इजाफा होगा और राजस्व लक्ष्य को मजबूत किया जा सकेगा।
जिला कांगड़ा में चालू वित्त वर्ष के दौरान जनवरी माह तक करीब 10 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित किया जा चुका है। विभाग का दावा है कि आगामी महीनों में इसमें और बढ़ोतरी होगी। पिछले वित्त वर्ष में जिला कांगड़ा से कुल 17 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जबकि इस बार संशोधित रॉयल्टी दरों के चलते यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने नई खनिज नीति 2024 के तहत राज्य में खनन रॉयल्टी दरों को संशोधित किया है। इसके साथ ही अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए सख्ती बढ़ाई गई है, ताकि राज्य का कुल खनन राजस्व 400 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचाया जा सके। नई नीति के तहत नदी तल में खनन की गहराई भी बढ़ाई गई है।
खनन अधिकारी कांगड़ा शैलजा चौधरी ने बताया कि विभाग राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा और राजस्व बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध खनन प्रभावित क्षेत्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा और विभागीय कर्मचारियों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत विभाग को दें।
उन्होंने यह भी बताया कि कई बार अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान लोगों का सहयोग बेहद जरूरी होता है। जब तक खनन करने वालों की सही सूचना नहीं मिलती, तब तक कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आमजन की भूमिका अहम रहती है।
खनन विभाग के अनुसार इस वित्त वर्ष में जिला कांगड़ा में अवैध खनन के मामलों में अब तक 310 चालान किए गए हैं और करीब 6 लाख 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं 114 मामले अभी विभाग के पास लंबित हैं। विभाग का कहना है कि अवैध खनन पर कार्रवाई के दौरान एसडीएम और पुलिस प्रशासन का भी सहयोग मिल रहा है।
खनन अधिकारी ने उम्मीद जताई कि रॉयल्टी दरों में संशोधन के बाद आने वाले समय में जिला कांगड़ा का राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहेगा और विभाग इसे और बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करेगा।
