संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बीच राजनीतिक दलों के बीच जहां सियासी जंग छिड़ी हुई है तो वहीं ज़ुबानी जंग से भी राजनीतिक दल एक दूसरे पर वार करने से नहीं चूक रहे हैं। यह ज़ुबानी जंग इस समय भाजपा और कांग्रेस के बीच ज्यादा छिड़ी हुई है। भाजपा और कांग्रेस अब चुनावी घोषणा पत्र को लेकर एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रही हैं।
बीजेपी की ओर से जहां कांग्रेस के घोषणा पत्र को झूठे वादों का घोषणा पत्र करार दिया गया है तो वहीं अब कांग्रेस ने इसका पलटवार करते हुए बीजेपी की घोषणा पत्र को चुनावी जुमला बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया हैं कि बीजेपी ने 2017 में जो वादे किए थे वह भी पूरे नहीं हो पाए तो भाजपा को नए वादे करने का कोई अधिकार नहीं हैं। यह बात शिमला में आज अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व युवा कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने कही।
कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि भाजपा को चुनौती है कि पांच साल जब डबल इंजन कि सरकार रही तो वोट घोषणा पत्र पर नहीं बल्कि रिपोर्ट कार्ड पर मांगे। बीजेपी नेताओं ने 2017 में लाखों नौकरियां देने की बात कही लेकिन रिपोर्ट कार्ड आने पर साफ हो गया है कि सरकार नौकरियां देने में फेल है. आज विभिन्न विभागों में 63 हजार पद खाली है यह सरकार भर्ती में फेल, पेपर लीक में पास है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के समय में प्रदेश में नशे का करोबार बढ़ा है, नशे रोकने में सरकार फेल हुई है। रिपोर्ट कार्ड में फेल होने पर बीजेपी को नई घोषणा करने का कोई अधिकार नहीं है। बीजेपी के नेता चुनावों में घोषणाओं को पूरा न होने पर चुनावी जुमले बताती है। वहीं बीजेपी के घोषणापत्र का साइज भी उनके विश्वास की तरह छोटा हो गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहली कैबिनेट में 1 लाख युवाओं को नौकरी देगी। 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को पंद्रह सौ रूपए प्रतिमाह दिए जाएंगे। युवाओं को कांग्रेस नए अवसर प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी पहले बताए कि उन्होंने प्रदेश में युवाओं के लिए क्या किया उसके बाद वोट मांगने जनता के बीच जाए।
