सचिन शर्मा, मनाली: दिव्यांगता को सही समय पर पहचान कर अगर थैरेपी सेवाएं दी जाए तो बच्चा बड़ी दिव्यांगता से बच सकता हैं। यह जानकारी सांफिया फाउंडेशन की निदेशक डॉ.रेखा ठाकुर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को समावेशी कार्यशाला के दौरान दी। उन्होंनें कहा कि दिव्यांगता को सही समय पर पहचान कर अगर थैरेपी सेवाएं दी जाए तो बच्चा बड़ी दिव्यांगता से बच सकता हैं। उन्होनें बताया कि सांफिया फाउंडेशन दिव्यांग जनों को वह सभी थैरेपी सेवाएं उपलब्ध करवाता हैं जिसमें मुख्यतः फिजियोथैरेपी,ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी एवं स्पेशल एजुकेशन आदि शामिल हैं।
सांफिया फाउंडेशन एडी हाइड्रो पॉवर लिमिटेड की ओर से प्रायोजित संस्थान हैं जिसके माध्यम से मनाली में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक दिन की कार्यशाला का अयोजन किया गया हैं।
जिस दौरान बीजू , कार्यक्रम प्रबंधक ने सांफिया फ़ाउंडेशन की ओर से चलाई जा रही सभी गतिविधीयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सांफिया फ़ाउंडेशन दिव्यांगता के क्षेत्र में थैरेपी सेवाओं के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन कर रहा हैं, जिसमें मुख्यतः ज़िला के सभी शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक कार्यक्रमों एवं त्यौहारों आदि में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ।
इस कार्यशाला में मधुवाला, पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनाली मुख्य रुप से उपस्थित रहे। उन्होंने महत्पूर्ण जानकारी देने के लिए संस्था का धन्यवाद जताया। इस कार्यशाला में लगभग 24 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बहुत जल्द क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मिलेगी दिव्याँग बच्चों को थैरेपी सेवाएं
कार्यशाला के दौरान कार्यक्रम प्रबंधक की ओर जानकारी दी गई कि बहुत जल्द ज़िला कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल में एक ही छत के नीचे ये सारी थैरेपी सेवाएं उपलब्ध होंगी।
