भावना शर्मा: हिमाचल प्रदेश राजनीति की बात की जाए तो इसमें शामिल बड़े नाम और बड़े नेताओं ने इस सफर की शुरुवात छात्र राजनीति से की हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी अपने राजनीतिक करियर की शुरुवात छात्र राजनीति से ही कि थी। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी नड्डा सहित, मंत्री रोहित ठाकुर, कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता ओर विधायक कुलदीप राठौर, सीपीआईएम नेता पूर्व विधायक राकेश सिंघा सहित,कांग्रेस के दिग्गज नेता आनंद शर्मा सहित अन्य क़ई ऐसे नाम हैं जिन्होंने अपने राजनीतिक सफ़र की शुरुवात छात्र राजनीति से की।
वहीं आज भी प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र एबीवीपी, एसएफआई ओर एनएसयूआई जैसे छात्र संगठनों से जुड़ कर अपने राजनीतिक करियर की नींव रख रहे हैं। इन्हीं छात्र नेताओं में एक नाम वीनू मेहता का भी हैं। वीनू मेहता जो एनएसयूआई छात्र संगठन से जुड़े न हैं और वर्तमान में एनएसयूआई के राज्य उपाध्यक्ष के रूप में संगठन ओर पद से जुड़ी जिम्मेवारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने अपनी छात्र राजनीति की शुरुआत कॉलेज के समय से की। वह वर्ष 2011 से ही एनएसयूआई से जुड़े हैं और अभी तक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में एनएसयूआई में कार्य कर रहे हैं। छात्र राजनीति के अपने इस सफर की शुरुआत उन्होंने ने गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज सीमा रोहड़ू से की। यहां उन्होंने एनएसयूआई के कैंपस अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आने पर उन्हें एनएसयूआई में विश्वविद्यालय कैंपस अध्यक्ष बनाया गया। अभी वर्तमान समय में वह एनएसयूआई में राज्य उपाध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं।
वीनू मेहता के परिवार में कोई भी व्यक्ति राजनीति से नहीं जुड़ा है लेकिन वह पहले से ही राजनीति की और आकर्षित रहे और इसके पीछे की वजह नेहरू जी और गांधी जी ओर हिमाचल में कांग्रेस के दिग्गज नेता ओर 6 बार के मुख्यमंत्री ओर आधुनिक हिमाचल के निर्माता स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की विचारधारा रही। छात्र जीवन के दौरान उन्होंने ने नेहरू जी और गांधी जी की विचारधाराओं के बारे में पढ़ा और सुना तो वहीं हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की कार्यप्रणाली को देखते हुए और उसी से प्रभावित होकर उन्होंने छात्र संगठन एनएसयूआई को ज्वाइन करने का निर्णय लिया।
कॉलेज के दिनों में जब उन्होंने एनएसयूआई छात्र संगठन को ज्वाइन किया तभी से वह छात्र हितों की मांगों को लेकर आंदोलनरत रहे हैं। उनका मानना है कि उन्होंने छात्र राजनीति की यह राह इसी मकसद से चुनी है कि वह छात्रों की आवाज को उठा सके। फिर बात चाहे कॉलेज स्तर पर छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं के आभाव की हो या फिर रूसा प्रणाली का विरोध, छात्र संगठन चुनावों पर लगे बैन या फिर विश्वविद्यालय स्तर पर छात्रों की समस्याएं इन सभी को लेकर वह एनएसयूआई छात्र संगठन के बैनर तले आंदोलनरत रहे हैं।
उनका कहना है कि अभी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं और ऐसे में वह छात्र राजनीति में रहकर छात्रों से जुड़ी मांगों को प्रशासन और सरकार के समक्ष रखने का कार्य कर रहे हैं। वहीं अगर संगठन आगे उन्हें कोई बड़ी जिम्मेवारी देता है तो वह उसके लिए भी पूर्ण रूप से तैयार।
वीनू मेहता का जन्म 1 अप्रैल,1993 में जिला शिमला के रोहड़ू, शरमाली,सुंगरी से एक साधारण परिवार में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भी यहीं से की हासिल की हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा सीमा कॉलेज रोहड़ू से हासिल की ओर वर्तमान में वह हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एम.ए मास कम्युनिकेशन, एमए रूरल डेवलपमेंट, एमए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री हासिल कर करने के साथ ही एमफिल रूरल डेवलपमेंट की डिग्री भी पूरी कर चुके हैं।
