अनिल नेगी, किन्नौर: हिमाचल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई है और टिकट के दावेदार भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। किन्नौर जिला में भाजपा में खास कर टिकट के दावेदारों की फ़ौज खड़ी हो रही है। जिले में भाजपा संगठन में मजबूत दावेदारियों मे पूर्व विधायक किन्नौर तेजवंत सिंह नेगी,प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष सूरत नेगी, पूर्व जीप सदस्य विजय नेगी,पूर्व भाजपा किन्नौर अध्यक्ष विनय नेगी व भाजपा किन्नौर के पूर्व महामंत्री नरेंद्र नेगी व राजपाल नेगी क़ा नाम शामिल है ओर अभी संगठन में टिकट को लेकर सभी ने लॉबिंग शुरू कर दी है।
बता दें कि
तेजवंत सिंह नेगी —पूर्व विधायक किन्नौर तेजवंत सिंह नेगी पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी माने जाते है और तेजवंत सिंह नेगी प्रदेश भाजपा संगठन के अंदर कार्यकारिणी सदस्य होने के अलावा किन्नौर भाजपा संगठन मे अनेको पदों पर रहे है,इसके अलावा पंचायतीराज मे तेजवंत सिंह नेगी जिला परिषद सदस्य भी रहे है.वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों मे किन्नौर भाजपा मे गुटबाज़ी के चलते तेजवंत सिंह नेगी 120 वोट से कांग्रेस के उम्मीदवार जगत सिंह नेगी से चुनाव हार गए थे, वहीं प्रदेश सरकार के साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल मे अबतक उनकी अनदेखी हुई लेकिन तेजवंत सिंह नेगी जनता के बीच जाकर लगातार अपना काम करते रहे, जनता की समस्याओ को निपटाने व लोगो के घर मे ख़ुशी व दुख मे शामिल होते रहे है और अब आगामी विधानसभा चुनावों मे टिकट की दावेदारी मजबूती से पेश कर रहे है। वहीं सूरत नेगी वर्तमान में सरकार में प्रदेश वन निगम उपाध्यक्ष के पद पर है और वके मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के करीबी है। बीते साढ़े चार वर्ष में सरकार के कार्यकाल में जिला किन्नौर का जिम्मा उन्हें दिया गया था। सूरत नेगी ने छात्र संगठन के अंदर लंबे समय तक काम किया है। वह भाजपा संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष के पद पर भी रहे है,और पिछले एक दशक से भाजपा संगठन के टिकट की दौड़ मे रहे है लेकिन उन्हें संगठन ने टिकट नहीं दिया है ऐसे में इस बार फिर से सूरत नेगी दावेदारी पेश कर रहे है।
इसके अलावा विजय नेगी पूर्व जिला परिषद किन्नौर ने उस वक़्त पंचायतीराज चुनाव जीता ज़ब प्रदेश व जिला किन्नौर के अंदर विधायक किन्नौर जगत सिंह नेगी का बोलबाला रहा। वर्ष 2015 मे उन्होंने तत्कालीन विधायक किन्नौर व प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी के सुपुत्र को जिला परिषद के चुनावों मे हराया था जिसके बाद उनका नाम पुरे किन्नौर मे गूंज उठा था। उन्होंने जिला परिषद सदस्य के कार्यकाल मे कल्पा वार्ड मे विकास कार्यों के लिए काम किया था। इसके अलावा विजय नेगी ने भाजपा संगठन के अंदर किन्नौर के साथ प्रदेश मे भी विभिन्न पदों पर काम किया है और आगामी विधानसभा चुनावों मे गुटबाज़ी के हद्द को पार कर उन्हें टिकट मिलता है तो चुनाव जीतने की उम्मीद जताई जा रही है।
वहीं पूर्व भाजपा अध्यक्ष किन्नौर विनय नेगी क़ा संगठन के अंदर पकड़ मजबूत है और वर्तमान में वे प्रदेश सरकार के कॉपरेटिव बैंक डारेक्टर के रूप में काम कर रहे है। विनय नेगी ने भाजपा संगठन के अलावा छात्र राजनीति में भी काम किया है और उन्हें संगठन के अंदर काम करने क़ा अनुभव काफी ज़्यादा है। विनय नेगी ने जलविद्युत परियोजनाओं के खिलाफ पगरामंग के अंदर चल रहे विरोध मे लोगों के साथ खड़े होकर लोगों के संघर्ष की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई है और आज उन्हें लोग संघर्षशील नेता के रूप में भी देखते है। जनता के मध्य उनकी पकड़ भी बेहतरीन है। ऐसे मे संगठन विनय नेगी पर दाव भी खेल सकती है।
वहीं टिकट की दौड़ में पांचवा नाम नरेंद्र नेगी का है । यह पूर्व भाजपा किन्नौर संगठन के महामंत्री पद पर रहे है और किन्नौर के निर्माता के रूप मे देखे जाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व पूर्व विधायक किन्नौर स्वर्गीय ठाकुर सैन नेगी के खानदान से पोते लगते है।इसके ताऊ बलवंत नेगी वर्ष 1963 से 67 तक विधायक किन्नौर रहे है। ऐसे मे नरेंद्र नेगी ने भी भाजपा संगठन व छात्र संगठन मे काम करने का अनुभव तो है ही वहीं उन्होंने स्वर्गीय ठाकुर सेन नेगी के साथ काम करने क़ा अनुभव भी है और स्वर्गीय ठाकुर सैन नेगी ने ही उन्हें छात्र राजनीति के अंदर शामिल किया था ऐसे मे नरेंद्र नेगी की लोकप्रियता व काम टिकट के दावेदारी के लाइन मे खड़ा कर सकती है।
टिकट में दावेदारी ने किन्नौर से आखरी नाम राजपाल नेगी का है। -एडवोकेट राजपाल नेगी वर्तमान मे निचार ग्राम पंचायत के प्रधान है और पूर्व मे भाजपा संगठन के महामंत्री रहे है इसके अलावा वे प्रदेश भाजपा एसटी मोर्चा के बड़े पद पर भी रहे है। राजपाल नेगी ने भाजपा किन्नौर संगठन मे काफी लम्बे समय तक काम किया है और निचार क्षेत्र में उनकी जनता के बीच पकड़ काफी अच्छी है। पंचायतीराज चुनावों के आसपास भाजपा किन्नौर संगठन के अंदर अचानक उन्हें महामंत्री के पद से हटाया गया जिस पर राजपाल नेगी लबें समय से वर्तमान भाजपा संगठन से नाराज़ भी चल रहे थे लेकिन राजपाल नेगी बेफिक्र होकर संगठन में काम कर रहे है,और जनता के हर काम को स्वयं प्राथमिकता पर कर रहे है। राजपाल नेगी भी कंही न कंही भाजपा किन्नौर के विधानसभा चुनावों मे किन्नौर से टिकट की दौड़ मे नज़र आ रहे है।.
बता दे कि किन्नौर भाजपा संगठन लम्बे समय से गुटबाज़ी के गर्म आग से जल रहा है पूर्व विधायक किन्नौर तेजवंत सिंह नेगी को सरकार द्वारा साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल मे जिला के अंदर अनदेखी करना, उद्धघाटन शिलान्यास पट्टीकाओ से नाम न होकर सूरत नेगी क़ा नाम होना भी तेजवंत समर्थकों को काफी चुभ रही है। वहीं भाजपा किन्नौर के अन्य टिकट के दावेदार जो आगामी विधानसभा चुनावों के टिकट की दावेदारी पर नज़र आ रहे है, जिसमें विजय नेगी, विनय नेगी, नरेंद्र नेगी व राजपाल नेगी वे अपने क्षेत्र मे जनता के मध्य पकड़ रखने वाले है बरहाल किन्नौर मे भाजपा संगठन एकजुटता के साथ चुनाव लड़ती है तो चुनाव जीतने के आसार दिख रहे है, लेकिन गुटबाज़ी की अग्नि इसी तरह जलती रही तो भाजपा संगठन को आगामी विधानसभा चुनावों में हार का मुह भी देखना पड़ सकता है, क्योंकि भाजपा को कांग्रेस से ज़्यादा अपने संगठन के अंदर लोगों से डर है।
57 हजार मतदाता
किन्नौर.68 विधानसभा क्षेत्र में आता है जहां 129 मतदान केंद्र है। किन्नौर विधानसभा क्षेत्र के तहत कुल 57,728 मतदाता है जिनमें 28,791 पुरूष व 28,937 महिलाएं शामिल हैं। जिले में 80 वर्ष से अधिक आयु के 1123 मतदाता ओट 908 दिव्यांग मतदाता हैं।
