अनिल कुमार,किन्नौर: आज के इस दौर में जहां ऑनलाइन गेमिंग की भरमार हैं वहीं कुछ ऑनलाइन गेम्स ऐसी भी हैं जिसमें लोग अपने पैसे लगाकर ऑनलाइन गेमिंग के इस खेल में फंसते जा रहे हैं। इसी तरह की तंबोला नाम की ऑनलाइन गेम इन दिनों किन्नौर ओर कुल्लू जिला के लोग अपने पैसे लुटा रहे हैं। लोग इस ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसते जा रहे हैं जिस पर चिंता किन्नौर जिला के तेजेन्द्रा सोशल वेलफेयर और सिटीज़न प्रोटेक्शन सोसाइटी के चेयरमेन व सामाजिक कार्यकर्ता शेर सिंह नेगी ने ज़ाहिर की हैं।
शेर सिंह ने तंबोला खेल का विरोध करते हुए कहा है कि आज प्रदेश के कुछ जिलों समेत किन्नौर जिला में ऑनलाइन तंबोला नामक खेल ने युवाओं समेत महिलाओं, बच्चों को अपनी गिरफ्त मे ले लिया हैं। लोग अपनी कमाई का बहुत सारा धन इस गैम्बलिंग में लुटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंबोला एक ऑनलाइन गेम की प्रक्रिया हैं जिसमें कुछ समूह की ओर से ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड़ के तहत तंबोला शीट यानि पर्चा जिसपर कुछ अंक लिखें होते है और शीट नंबर लगा होता है उसे सैकड़ो की संख्या में लोगों को देश प्रदेश में बेचा जाता हैं। इसके बाद एक निर्धारित समय ख़ासकर शाम छः बजे से दस बजे तक ज़ूम ऐप व विभिन्न ऑनलाइन लाइव स्ट्रिमिंग के माध्यम से गेम करवाया जा रहा हैं। इसमें हजारों लोग जुड़ते है और गेम के अंत मे किसी एक व्यक्ति का लाखों का इनाम निकलता हैं।
कुछ लोगों का हजारों या सैकड़ो रूपए में भी इनाम होता है, जबकि इस खेल में किसी प्रकार का लाइसेंस या फिर कोई कार्यालय, व सरकारी अधिकारी की अनुमति पत्र आदि नहीं हैं। ऐसे में इस खेल पर हजारों लोगों से तंबोला के आयोजक धन उगाई कर रहे हैं। आम लोगों के रुपयों का दुरूपयोग हो रहा है व लोगों को इसकी लत लगने के कारण लोग बहुत सारे काम भी छोड़ रहे हैं। इस गेम को महिलाओं समेत छोटे बच्चे भी खेल रहे हैं। यह खेल किसी नशे या जुए से कम नहीं हैं। ऐसे में इस विषय को लेकर उपायुक्त किन्नौर व बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी को भी उन्होंने ज्ञापन सौंपा हैं कि तंबोला खेल को जिला में बंद करवाया जाए या इस खेल को करवाने वालों के खिलाफ जांच हो।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस खेल से जीएसटी देने की बात कही जा रही हैं, लेकिन जीएसटी देना किसी खेल की असलियत और सेहत के बारे में प्रमाण नहीं दें सकती। उन्होंने कहा कि किन्नौर जिला में पनप रहे इस ऑनलाइन खेल के नशे से लोगों को बाहर निकालने की आवश्यकता हैं नहीं तो एक समय जिला में लोगों को आर्थिक रूप से परेशानियां आ सकती हैं और इसके नशे में लोगों को कई चीजें दाव पर लगानी पड़ सकती हैं।
