संजु चौधरी, शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को अलग ही तरह का सत्र देखने को मिला। इस सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस सत्र की खास बात यह रही कि इस सत्र में बच्चों ने मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों की भूमिका अदा करते हुए विधानसभा सत्र की कार्रवाई में भाग लिया।
सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की भूमिका संभाले बच्चों में तीखी बहस भी देखने को मिली। बच्चों ने हिमाचल विधानसभा में प्रदेश के विभिन्न विषयों पर सवाल उठाए। 68 बच्चों ने हिमाचल के 68 विधायकों की तरह काम किया। डिजिटल बाल मेला की ओर से हिमाचल प्रदेश विधानसभा के तत्वावधान में इस बाल सत्र का आयोजन हुआ। सदन में प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक विषयों को बच्चों की ओर से उठाया गया। बाल सत्र सुबह 11 बजे शुरू हुआ। स्पीकर, मुख्यमंत्री समेत 13 कैबिनेट मंत्री, तीन राज्य मंत्री और चार संसदीय सचिवों का चयन किया गया था।
विधानसभा अध्यक्ष ने बाल सत्र की शुरुआत में विधायी प्रक्रिया की बारीकियां समझाईं। अध्यक्ष पठानिया ने बच्चों को बताया कि शिमला की विधानसभा में आजादी से पहले विट्ठलभाई पटेल जैसे दिग्गज महान देशभक्तों ने इसी सदन में स्पीकर पद की गरिमा को बढ़ाया हैं। प्रश्न काल के दौरान बाल विधायकों ने स्कूलों में करियर काउंसलिंग का मुद्दा, पर्यावरण बचाव से संबंधित प्रश्न, नशे को रोकने के लिए सवाल जवाब किए गए जिसमें पक्ष विपक्ष में तीखी नोंकझोंक देखने को मिली।
राज्यसभा के उप सभापति व बाल सत्र के वशिष्ट अतिथि हरिवंश नारायण ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। बच्चों ने बेहतरीन ढंग से विषयों को सदन के अंदर उठाया हैं। राजनीतिक लोगों को भी उनसे सीखने की जरूरत हैं। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रम आवश्यक हैं। देश के भविष्य के निर्माण में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान हैं। बच्चों में जानने के इच्छा होती हैं। बच्चे आज डिजिटल नागरिक हैं।
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जो बच्चों ने सदन में सवाल पूछे वो प्रदेश से जुड़े हुए थे। जो बजट सरकार ने पेश किया है उससे मिलते जुलते सवाल बच्चों ने पूछे। पिछले पांच महीने से जो प्रदेश की स्थिति है उनसे संबंधित सवाल पूछे गए हैं। सीएम ने अनुभव को राजनीति में पढ़ाई के साथ जरूरी बताया और कहा कि राजनीति में कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने कम पढ़े लिखे होने के बावजूद अनुभव के आधार पर अच्छा काम किया।
वहीं बाल सत्र में मुख्यमंत्री की भूमिका निभाने वाली जानवी ने इसे जानकारी वर्धक बताया। इससे बच्चों के जीवन में नया अनुभव जुड़ा हैं। सरकार किस तरह से जनता के लिए काम करती है व क्या बेहतर किया जा सकता हैं इस सत्र से उन्हें यह सीखने को मिला हैं। वहीं विपक्ष के उप नेता की भूमिका निभाने वाले बच्चे ने बताया कि तंत्र में विपक्ष की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हैं। विपक्ष सरकार की ओर से किए जा रहे कामों को लेकर सुझाव देता हैं वह गलत कामों को होने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। यह सत्र उनके लिए काफी अनुभव प्रदान करने वाला रहा हैं।
