भावना शर्मा:अपने औषधीय गुणों के चलते देश की सबसे महंगी सब्जियों में शामिल गुच्छी जो बाजारों में 20 से 30 हज़ार रुपए के हिसाब से बिकती हैं तो वहीं हिमाचल के जंगलों में यह महंगी सब्जी मुफ्त में मिलती हैं। गुच्छी को मशरूम की प्रजातियों में से हैं एक माना जाता है बस फर्क इतना है कि यह हिमाचल के जंगलों में प्राकृतिक तरीके से उगता है जिसे लोग एकत्र कर इसे बाजारों में बेचकर बड़ा मुनाफा कमाते हैं। इस मशरूम यानी गुच्छी की डिमांड ना केवल भारत में है बल्कि विदेशों में भी काफी ज्यादा है और यही वजह भी है कि इसकी कीमत प्रति किलो हजारों में आंकी जाती हैं।
अमेरिका, फ्रांस,यूरोप, इटली,स्विजरलैंड में गुच्छी की विशेषताओं को देखते हुए इसकी काफी ज्यादा डिमांड हैं। यह ना केवल खाने में स्वादिष्ट है बाकी इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व और विटामिन कई बीमारियों को दूर भगाने में कारगर साबित होते हैं। हिमाचल में शिमला के ऊपर क्षेत्रों सहित चंबा कुल्लू मनाली की जंगलों के अलावा उत्तराखंड और कश्मीर के कुछ इलाकों में यह गुच्छी पाई जाती हैं। जंगलों में यह प्राकृतिक तरीके से जंगलों में उगती हैं। गुच्छी का वैज्ञानिक नाम मार्कुला एस्क्यूपलेंटा है और हिन्दी में इसे स्पंज मशरूम कहा जाता हैं।
हिमालय क्षेत्र में अधिकतर समय तक बारिश और बर्फबारी होती रहती हैं। ऐसे में यहां के जंगलों में अपने आप ही गुच्छी पनपती हैं जिसे ढूंढने के लिए यहां के ग्रामीणों कई दिनों तक जंगलों में ही डेरा डाले रहते हैं। यहां लोग जंगलों में जाकर इस गुच्छी को एकत्र करते हैं जिसके बाद इसे सुखाया जाता है और इसके बाद इसे एक सब्जी के रूप में प्रयोग में लाया जाता हैं। इसकी रिमांड को देखते हुए और इसकी कीमत अच्छी मिलने के चलते ग्रामीणों इस महंगी सब्जी को ढूंढने के लिए जोखिम उठा कर जंगलों ने जाते हैं। फरवरी से लेकर अप्रैल माह तक यह गुच्छी जंगलों में मिलती हैं।
यह है गुच्छी के औषधिय गुण
गुच्छी की सब्जी स्वाद में जितनी ज्यादा अच्छी होती है वह इसके औषधीय लाभ भी उतनी ही अधिक हैं। यह पोटेशियम, विटामिन और आयरन में समृद्ध हैं। यह कई बी-विटामिनों के अलावा विटामिन डी का एक समृद्ध स्रोत हैं, जो कि शरीर के लिए कई बीमारियों से बचा सकता है। यह एंटीऑक्सिडेंट से भी समृद्ध है, जो हृदय रोगों और मधुमेह सहित स्वास्थ्य के मुद्दों को रोकता है। वहीं इसे कई तरह के जड़ीबूटियों को बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता हैं। गुच्छी मशरूमों में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन-डी होता हैं। कच्चे गुच्छी के 100 ग्राम में 206 IU या 34% दैनिक आवश्यक विटामिन-डी का स्तर, ज्यादातर एर्गोकैल्सीफेरोल (vit.D-2) के रूप में होता हैं। यह फैट में घुलनशील विटामिन को हड्डियों के विकास और कैल्शियम चयापचय में इसकी भूमिका को सही करके हार्मोन के रिलीज को सही कर सकता हैं। वहीं इसका प्रभाव विभिन्न एंजाइमों पर भी होता है, जो मस्तिष्क को शांत कर सकते हैं। यही नहीं गुच्छी अपने निकोटिन फ्लेवर और ऑर्गेनिक गुणों के कारण भी महत्वपूर्ण हैं. शारीरिक अक्षम, पैरालिसिस के मरीजों के लिए इसके सूप को पीने के लिए कहा जाता हैं।
पीएम मोदी सहित अमित शाह को भी भाता हैं गुच्छी की सब्जी का स्वाद
देश की सबसे महंगी सब्जी गुच्छी का सवाद बेहद लाजवाब हैं। यहां तक कि प्रदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी इसके स्वाद के दीवाने हैं। अपने हिमाचल की मंडी दौरे के दौरान जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुच्छी का मदरा बनवाया था तो वहीं अमित शाह ने भी गुच्छी के मदरे का स्वाद चखा हैं।
फाइव स्टार होटलों के मैन्यू की गुच्छी की सब्जी बढ़ाती हैं शान
गुच्छी की गुणवत्ता को देखते हुए और इसके औषधीय गुणों और इसके स्वाद के चलते सब्जी फाइव स्टार होटलों के मैन्यू में जरूर शामिल होती हैं। कई तरह के पकवान इस गुच्ची से होटल में बनाए जाते हैं।
