मंडी/परी शर्मा: हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर सभी प्रत्याशी इंतजार में है। चुनाव में आजाद प्रत्याशियों की भूमिका भी अहम रहने वाली है। वही अगर बात मंडी जिला के नाचन विधानसभा क्षेत्र की करें तो यंहा पर भाजपा की राहें आसान नहीं है। भाजपा से बागी होकर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़े ज्ञान चौहान नतीजों में काफी अहम भूमिका निभाने वाले है।
क्या बीजेपी पर भारी पड़ेगे बागी हुए ज्ञान चौहान
इस बार भी मंडी जिला के 10 विधानसभा क्षेत्रों में आजाद उम्मीदवार कितना असर डालेगें, कितनी सीट निर्दलीय प्रत्याशी निकालेगें ये देखने लायक रहेगा। बात अगर जिला मंडी के नाचन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की एकजुटता व ज्ञान चौहान का विद्रोह विधायक विनोद कुमार के लिए खतरा बन सकता है। कांग्रेस की एकजुटता का ट्रेलर करीब साल भर पहले मंडी संसदीय क्षेत्र के चुनाव में देखने को मिला था। मंडी संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव में नाचन में कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह को करीब 2572 मतों की बढ़त मिली थी। दो साल पहले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भाजपा को मुंह की खानी पड़ी थी। वही अब विधानसभा चुनाव में आजाद प्रत्याशी ज्ञान चौहान की अहम भूमिका रहेगी।
यहां टिकट ना मिलने से नाराज होकर भाजपा के ज्ञान चौहान ने आजाद चुनाव लड़ा है। चुनावी प्रचार के दौरान उन्हे काफी समर्थन भी मिला और लोगों ने उनपर भी विश्वास जताया। बता दे कि आजाद चुनाव लड़े प्रत्याशी नतीजों में अहम भूमिका निभाने वाले है। 2017 के चुनाव में भी द्रंग विधानसभा क्षेत्र से आजाद प्रत्याशी ने अहम भूमिका निभाई थी , तो कांग्रेस के दिग्गज नेता को मुंह की खानी पड़ी थी। वही जोगिंद्रनगर में तो आजाद प्रत्याशी की जीत भी हुई थी। इस बार भी मंडी जिला के 10 विधानसभा क्षेत्रों में आजाद उम्मीदवार कितना असर डालेगें, कितनी सीट निर्दलीय प्रत्याशी निकालेगें ये देखने लायक रहेगा।
