Mandi, Dharamveer-:मंडी नगर निगम ने शहर के व्यावसायिक और अन्य संस्थानों के लिए नया कचरा प्रबंधन दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब जिन संस्थानों द्वारा रोजाना 100 किलो से अधिक गीला कचरा उत्पन्न किया जाता है, उन्हें इसका निपटान स्वयं करना अनिवार्य होगा।
नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इन संस्थानों पर निगरानी रखेंगे। यह नियम प्रदेश के होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, शॉपिंग मॉल, विवाह स्थल और धार्मिक स्थलों पर लागू होगा।
नगर निगम मंडी के मेयर वीरेंद्र भट्ट ने बताया कि नए दिशा-निर्देशों के तहत गीले और सूखे कचरे को पहले ही अलग-अलग एकत्र करना अनिवार्य है। संस्थानों को कहा गया है कि गीले कचरे के लिए उन्हें कम्पोस्ट पिट, कम्पोस्टिंग मशीन या बायो-मीथनेशन यूनिट स्वयं स्थापित करनी होगी। वहीं, सूखा कचरा केवल अधिकृत रिसायक्लर को सौंपा जाएगा।
यदि किसी संस्थान के पास पर्याप्त स्थान नहीं है, तो वे स्थानीय निकाय से सहायता ले सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने की कार्रवाई भी की जाएगी। यह पहल केंद्र सरकार के ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016 को सख्ती से लागू करने के प्रयासों का हिस्सा है।नगर निगम मंडी ने शहर में लगभग 30 प्रमुख संस्थानों की पहचान कर उन्हें इन नए दिशा-निर्देशों से अवगत करा दिया है।
