हमीरपुर,अरविन्द सिंह (TSN)-पीजी के पंजीकरण एवं संचालन के संबंध में बाईलॉज बनाकर जिला हमीरपुर एक नई शुरुआत कर सकता है।इसके लिए सभी संबंधित अधिकारी को समग्र एवं व्यापक बाईलॉज तैयार करने के निर्देश उपायुक्त हमीरपुर ने दिए।
सुरक्षा मानकों और सभी नियमों की अनुपालना के लिए डीसी ने दिए निर्देश
उपायुक्त ने विशेष टीम तैयार कर बंगलुरू व मोहाली की तर्ज़ पर मानको को तैयार करने को कहा है जिसमे बच्चों की सुरक्षा,आवश्यक सुविधाएं और पढ़ाई के लिए बेहतरीन माहौल के सभी पहलू शामिल हों। गौतम भाई की हमीरपुर जिला में एक निजी पीजी में कुछ दिन पूर्व एक छात्र की संगीत परिस्थितियों में मौत हो गई थी जिसके बाद जिला प्रशासन ने कदम उठाना शुरू करती हैं।उपयुक्त हमीरपुर ने छात्र की मौत पर भी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस तरह की घटनाएं पर अंकुश लगाया जाए इसके लिए नगर परिषद सहित साथ लगती पंचायत में भी चलाई जा रहे पीजी को लेकर मानक बनाए जाएगें ।उपायुक्त अमरजीत सिंह ने हमीरपुर शहर एवं इसके आस-पास के क्षेत्रों तथा सुजानपुर में संचालित की जा रही पेइंग गेस्ट सुविधाओं (पीजी) और अन्य निजी हॉस्टलों में सभी सुरक्षा मानकों एवं नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए जिला के प्रशासनिक अधिकारियों, नगर परिषद हमीरपुर और सुजानपुर, टीसीपी विभाग, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन विभाग, राज्य कर एवं आबकारी और विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि हमीरपुर शहर हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के हब के रूप में जाना जाता है और स्थानीय नगर परिषद के अनुसार यहां अभी 33 पीजी संचालित किए जा रहे हैं,जोकि प्रदेश भर के बच्चों को रहने एवं खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा और उन्हें पढ़ाई का बेहतर माहौल प्रदान करने तथा पीजी के संचालन पर नजर रखने के लिए समग्र नियमों-उपनियमों की आवश्यकता है।
उपायुक्त ने स्थानीय नगर परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे टीसीपी विभाग, पुलिस, खाद्य सुरक्षा, पर्यटन, अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों तथा पीजी संचालकों के साथ व्यापक चर्चा के बाद अतिशीघ्र विस्तृत बाईलॉज तैयार करें, ताकि इन्हें सभी पीजी पर लागू करके बच्चों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध एवं आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि पीजी के पंजीकरण के लिए एक प्रक्रिया निर्धारित की जानी चाहिए तथा इसमें पुलिस, अग्निशमन, नगर परिषद, टीसीपी, खाद्य सुरक्षा और अन्य सभी संबंधित विभागों को शामिल किया जाना चाहिए।
