मंडी (एकता): हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के राजनीति सफर से कुछ जरूरी और रोचक बाते हैं। जिन्हें आप शायद ही जानते होगें। बता दें कि जयराम ठाकुर का राजनीति से दूर-दूर तक का कोई नाता नहीं था लेकिन उनकी किस्मत में एक नेता बनना शायद पहले से ही तय हुआ था।
गरीब किसान परिवार से संबंध रखते है जयराम ठाकुर
जयराम ठाकुर एक किसान परिवार से संबंध रखते है। मंडी जिला के सिराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुराहग के तांदी गांव में 6 जनवरी 1965 को उनका जन्म हुआ। उनके पिता का नाम जेठू राम था और मां का नाम बृकु देवी है। उन्होंने अपनी पढ़ाई कुराणी स्कूल से की। राजनीति सफर की शुरूआत उनके विश्वविद्यालय के दिनों से हुई थी।

उन्होंने 26 साल की उम्र में बी.ए की पढ़ाई के दौरान बीजेपी छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से चुनाव लड़ा था और उसमें उन्हें जीत हासिल हुई थी। जयराम ठाकुर का राजस्थान से खास रिश्ता है। दरअसल उनका ससुराल राजधानी जयपुर में है। जयराम ठाकुर की पत्नी का नाम साधना ठाकुर है।
जयराम ठाकुर की शादी 1995 में आरएसएस नेता रहे श्रीनाथ राव की बेटी साधना ठाकुर से हुई थी।

यहां तक तय किया जयराम ठाकुर ने अपना राजनीति सफर
जयराम ठाकुर को हिमाचल प्रदेश के सबसे समर्पित और मेहनती राजनीतिज्ञों में से एक माना जाता है। साल 1986 में वह एबीवीपी के प्रदेश संयुक्त सचिव बने। 1989-93 में जम्मू-कश्मीर एबीवीपी के संगठन सचिव रहे। 1993-95 तक भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के प्रदेश सचिव रहे। 2006-09 तक हिमाचल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनका पद गैर-विवादास्पद और स्वीकार्य माना जाता है। साल 2017 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के लिए पांचवीं बार निर्वाचित हुए और 27 दिसंबर को उन्होंने हिमाचल प्रदेश के 14 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

