नालागढ़/जगत सिंह: हिमाचल सरकार द्वारा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं देने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन दावों की पोल खुल रही है। ताजा मामला नालागढ़ के तहत रामशहर के सीएचसी अस्पताल का है जहां पर अस्पताल में रखी एक्स रे मशीन पर मरीजों का इलाज तो नहीं हो पाता, लेकिन अब अस्पताल में तैनात स्टाफ ने इस एक्स-रे मशीन को डाइनिंग टेबल का रूप दे दिया है। एक्स रे मशीन के दोनों और कुर्सियां लगाकर व डाइनिंग टेबल बनाकर खाना खाया जा रहा है। बता दें कि हमारी टीम रामशहर अस्पताल में डॉक्टरों व स्टाफ की कमी को लेकर जब रिपोर्टिंग करने पहुंची, तो एक्स-रे रूम के भीतर स्टाफ द्वारा एक्स-रे मशीन पर रखकर खाना परोसा जा रहा था। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो एकदम से सभी स्टाफ के लोग खड़े हो गए। हमने स्टाफ के लोगों से बातचीत करने की कोशिश की तो किसी ने भी कुछ भी कहने से साफ मना कर दिया। और यह कहा गया कि रामशहर अस्पताल की इंचार्ज से बात कीजिए।
इस बारे में जब हमने रामशहर अस्पताल के इंचार्ज डॉक्टर से बातचीत की गई तो उनका कहना है कि एक्स रे मशीन पर खाना रखकर नहीं खाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके पास बैठने के लिए कोई जगह नहीं है और यह एक्स-रे मशीन 6 माह से खराब पड़ी है और इस कमरे में कोई भी मरीज नहीं आता है। जिसके कारण वह इसी मशीन को डाइनिंग टेबल बना कर खाना खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले कई महीनों से सरकार व स्वास्थ्य महकमे के उच्च अधिकारियों से अलग से एक कमरा बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन आज तक उन्हें कमरा उपलब्ध नहीं करवाया गया। जिसके चलते वह अब इस एक्स-रे रूम में ही लंच करने को मजबूर है।

पिछले 6 माह से एक्सरे मशीन खराब पड़ी
बता दें कि डॉक्टर के मुताबिक पिछले 6 माह से यह एक्सरे मशीन खराब पड़ी है और ना तो सरकार ने इसकी और ध्यान दिया और ना ही संबंधित स्वास्थ्य महकमे ने इस मशीन को बदलने या इसकी रिपेयर करने की जरूरत समझी। आलम यह है कि अस्पताल में कमियों के चलते बिना इलाज के ही लोग अपने घरों को वापस जाने को मजबूर है। हालांकि प्रदेश सरकार द्वारा एक के बाद एक अस्पतालों को अपडेट करने की मुहिम छेड़ी गई है। लेकिन जिस हिसाब से अस्पतालों में सुविधाएं होनी चाहिए उस हिसाब से किसी भी अस्पताल में सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोग अपने इलाज निजी अस्पतालों में महंगे दामों पर करवाने को मजबूर है और अस्पतालों में तैनात डॉक्टर व स्टाफ जिन मशीनों से मरीजों के टेस्ट होने थे उन मशीनों को डाइनिंग टेबल बना कर खाना खाने में व्यस्त हैं।

पीएचसी से सीएचसी का दर्जा दिया, लेकिन स्टाफ की कमी
रामशहर अस्पताल को प्रदेश सरकार द्वारा पर पीएचसी से सीएचसी का दर्जा दे दिया गया लेकिन जिस हिसाब से सीएचसी में डॉक्टर होने चाहिए ना तो डॉक्टर है और ना ही स्टाफ और ना ही रात के समय में कोई इमरजेंसी सेवा के लिए कोई सुविधा है अब स्थानीय लोगों ने सरकार व प्रशासन से जल्द अस्पताल में फैली कमियों को दूर करने व स्टाफ की तैनाती की मांग उठाई है।
