Mandi, Dharamveer-पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि मंडी जिला में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा को लेकर केंद्र सरकार से शीघ्र सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी, लेकिन इससे पहले प्रदेश सरकार को राहत एवं पुनर्वास कार्यों में गंभीरता और तत्परता दिखानी चाहिए।
थुनाग में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जयराम ठाकुर ने बताया कि वे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और कई केंद्रीय मंत्रियों से लगातार संपर्क में हैं और उन्हें आपदा की स्थिति से अवगत करवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया है। अब जबकि मौसम साफ हो रहा है, तो राज्य सरकार को चाहिए कि वह राहत पहुंचाने की रफ्तार तेज करे, खासकर उन दुर्गम क्षेत्रों में जहां लोग अब भी मदद का इंतजार कर रहे हैं।
लंबाथाच तक सड़क बहाल, आगे अभी चुनौतियां
उन्होंने जानकारी दी कि थुनाग से लंबाथाच तक सड़क संपर्क बहाल हो चुका है, लेकिन उससे आगे का रास्ता अभी भी बाधित है।सड़कें खुलने से राहत सामग्री पहुंचाने में मदद मिल रही है। साथ ही अब अधिकतर क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क भी आंशिक रूप से बहाल हो चुका है.जयराम ठाकुर ने बताया कि सराज, नाचन और करसोग क्षेत्रों में अब तक 11 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 45 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
सांसद निधि से मिलेगी राहत कार्यों को गति
मंडी से सांसद कंगना रनौत के क्षेत्रीय दौरे का उल्लेख करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के नाते प्रभावितों का हालचाल जाना और सांसद निधि से राहत कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया।उन्होंने कहा कि सांसद कोई तात्कालिक घोषणाएं नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने सांसद निधि से जो भी सहायता मिलेगी, उसे जरूरतमंद क्षेत्रों में प्राथमिकता से खर्च करने की बात कही है
थुनाग में स्थापित किया राहत नियंत्रण केंद्र
बतौर विधायक, जयराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने थुनाग में अपना कैंप ऑफिस स्थापित कर लिया है, जहां से राहत और पुनर्वास संबंधी सभी कार्यों की निगरानी की जा रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कियह समय राजनीति का नहीं, बल्कि मानवीय करुणा और संवेदनशीलता के साथ काम करने का है। हमें मिलकर प्रभावित परिवारों की ज़िंदगियों को फिर से संवारना होगा.
