Una, Rakesh-हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में शनिवार को हुई भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। सवा नदी के उफान पर आने से कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे घरों, दुकानों और पेट्रोल पंपों में पानी घुस गया। लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
बसाल क्षेत्र में हालात सबसे अधिक गंभीर हैं, जहां कई घरों में पानी भरने से लोगों का रहना तक मुश्किल हो गया है। प्रभावित लोग अपने कीमती सामान और मकानों को नुकसान होता देख आंसुओं के साथ प्रशासन की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं।
इंडस्ट्री में फंसे 40 मजदूर, फायर विभाग ने बचाया
बारिश का प्रभाव उद्योगों तक भी पहुंचा। एक स्थानीय फैक्ट्री में पानी घुस जाने से 40 से ज्यादा मजदूर फंस गए, जिन्हें फायर विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। विभाग की टीम फिलहाल पानी की निकासी में भी जुटी हुई है।
प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, चेतावनी के बावजूद नहीं हुई तैयारी
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले ही जलभराव की आशंका जताई गई थी, लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया। नालों और खड्डों की समय पर सफाई न होने को लेकर नाराज़गी जताई गई है।
हाईवे समेत मुख्य सड़कें डूबीं, यातायात ठप
भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग और कई अन्य मुख्य सड़कें जलमग्न हो गई हैं। वाहनों की आवाजाही बाधित है और ट्रैफिक ठहर सा गया है। इससे आपातकालीन सेवाएं और आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट: दीवारें दरकने लगीं, खतरे की स्थिति
हमारी टीम ने ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्टिंग करते हुए दिखाया कि बसाल और आसपास के क्षेत्रों में घरों की दीवारें कमजोर हो चुकी हैं और कुछ स्थानों पर वे टूटने के कगार पर हैं। कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।ल
लोगों की मांग — जल्द हो राहत और निकासी
प्रभावित लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू करने और जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था की मांग की है। लोगों ने चेताया है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और विकराल हो सकती है।
