राकेश,ऊना(TSN): आज समय में युवा जहां बेहतर रोजगार न मिलने की वजह से घर पर बेकार बैठने के लिए मजबूर हैं। वहीं कुछ युवा ऐसे भी हैं जो स्वरोजगार के माध्यम अपना कर अपने लिए बेहतर आमदनी जुटा रहे हैं। बात चाहे खेतीबाड़ी की हो या ख़ुम्ब उत्पादन की इसी तरह के स्वरोजगार से युवा लाखों रुपये की आमदनी जुटा दूसरे बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार दिलवा कर एक नई मिसाल पेश कर रहें हैं। इसी तरह की एक मिसाल जिला ऊना में हरोली के तहत दुलैहड़ गावं के निवासी जसबीर ने भी पेश की हैं। जसबीर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री मधु विकास योजना का लाभ लेकर आज करोड़ों रुपए की कमाई कर रहे हैं।
जसबीर बताते हैं कि पुश्तैनी व्यवसाय मौनपालन होने के चलते उन्होंने भी जमा दो की पढ़ाई करने के बाद इसी व्यवसाय को स्वरोजगार के रूप में चुना। जसबीर गांव के अन्य लोगों को भी इस व्यवसाय से जोड़कर रोजगार के साधन उपलब्ध करवा रहे हैं। जसबीर ने बताया कि शुरूआत में उन्होंने 70 मधुमक्खी बॉक्सों के साथ मौन पालन का व्यवसाय को शुरू किया जोकि वर्तमान में 550 मधुमक्खी बॉक्सों के करीब पहुंच गया हैं।
उन्होंने बताया कि एक वर्ष में लगभग 50 टन शहद का उत्पादन कर रहे हैं। जसबीर कहते हैं मौन पालन का कार्य करने के लिए उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से किसानों/बागवानों के लिए संचालित की जा रही मुख्यमंत्री मधुमक्खी पालन योजना के तहत एक लाख 76 हज़ार रूपए उपदान राशि मिली हैं।
उन्होंने मौन पालन के कार्य के लिए 4 व्यक्ति को स्थायी रोज़गार दे रखा हैं। इसके अतिरिक्त मधुमक्खियों के बॉक्सों को एक जगह से दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए वाहन और लेबर कार्य करने वाले लोग भी उनसे जुडे़ हुए हैं जिन्हें अस्थाई रूप से रोजगार मिलता हैं। जसबीर ने हनी को सेल करने के लिए हनी प्रोसैसिंग यूनिट अमराली में सत्संग घर के समीप स्थापित किया है जिसमें 50 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक की पैकिंग उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 1 किलोग्राम हनी की कीमत 350 रूपये निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा शहद मंगवाने के लिए कुरियर सुविधा भी उपलब्ध हैं।
उद्यान विभाग ऊना के उप निदेशक संतोष बख्शी ने बताया कि मुख्यमंत्री मुध विकास योजना के प्रत्येक चरण में बागवानों/किसानों को सब्सिडी की सुविधा प्रदान की जा रही हैं। मुख्यमंत्री मधु विकास योजना का उद्देश्य किसानों को राज्य में मधुमक्खी उत्पादों के उत्पादन और मधुमक्खी पालन के लिए प्रोत्साहित करना हैं। इस योजना के तहत मधुमक्खियों के 50 बॉक्सों के लिए 80 प्रतिशत सब्सिडी विभाग के माध्यम से दी जाती हैं। मधुमक्खी पालन ऋण योजना के तहत मधुमक्खी पालन करने वाले लाभार्थी को सभी जरूरी सामग्री उपकरणों पर एक सेट प्रति लाभार्थी को 20 हज़ार रूपए प्रति इकाई की लागत पर 80 प्रतिशत अर्थात 16 हज़ार रूपए की सब्सिडी प्रदान की जाती हैं।
