संजु चौधरी, शिमला: जेबीटी/डीएलडी प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने प्रदेश सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा खोल दिया हैं। बुधवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जेबीटी के रिक्त पदों को भरने के लिए हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की ओर से मांगे गए आवेदन में बीएड डिग्री धारकों को भी शामिल किया गया है, जोकि नियमानुसार सही नहीं हैं।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहित ने बुधवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान कहा की प्रदेश में 60 हजार से अधिक जेबीटी हैं जो भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। अगर सरकार समय रहते भर्ती करवाना चाहती है तो इसे समय रहते करवाया जाए। उन्होंने कहा की जेबीटी बेच वाइज भर्ती 2020 में हुई थी, जिसकी कंउंसलिंग मार्च में हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना दस्तावेज देखे नियुक्तियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों से पहले वादा किया था विजय रहने पर जेबीटी भर्ती से बीएड को बाहर करेंगे।
उन्होंने कहा कि कई बार प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को मिलकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही हैं। जेबीटी यूनियन ने प्रदेश की सुक्खू सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द मांगे नहीं मानी तो वह सचिवालय का घेराव करेंगे ओर अगर सरकार फिर भी नहीं मानती है तो आमरण अनशन किया जाएगा।
