संजीव महाजन,नूरपुर: प्रदेश ने सत्ता में आने वाली सरकारें विकास को लेकर चाहे कितने ही दावे कर लें लेकिन इन दावों का सच तो कुछ और ही हैं जो
हिमाचल प्रदेश जिला कांगड़ा की ज्वाली विधानसभा के तहत भलोआ गांव बयां कर रहा हैं। हालात यह हैं कि आजादी के इतने वर्ष बीतने के बाद भी इस गांव के बाशिंदे सड़क सुविधा से महरूम हैं। सड़क सुविधा ना होने के कारण वहां के वाशिंदे नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो चुके हैं। तकरीबन 450 कनाल जमीन यहां खाली पड़ी हैं और सड़क की सुविधा ना होने के कारण धीरे-धीरे इस गांव के लोग अपने पैतृक घरों को छोड़कर अन्य स्थान पर जाने को मजबूर हो चुके हैं।
गांव के एक तरफ देहर खड्ड पड़ती है तो दूसरी तरफ एक पांव रास्ता हैं, ना तो उस रास्ते पर दो पहिया वाहन और ना ही एंबुलेंस आ सकती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कोई बीमार होता है तो हमें पालकी इत्यादि में लेकर उसे तकरीबन 2 किलोमीटर का रास्ता तय करके सड़क तक पहुंचाना पड़ता हैं। वहीं जब भी बरसात का मौसम आता है तो हमें जानवर या इंसान की बलि देनी ही पड़ती हैं क्योंकि देहर खड्ड बरसात के कारण लबालब भरी होती है। उसको पार करते समय व्यक्ति बह भी गए हैं।
गांव वासियों का कहना है कि इस जमीन के साथ हार पंचायत, लाहड़ू पंचायत व मरियाणा पंचायत के तहत जमीन आती हैं। उनका कहना हैं कि हमने कई बार मंत्रियों को भी इस बात से अवगत करवाया परंतु अब तक किसी भी सरकार ने यह जहमत नहीं उठाई कि इन लोगों के लिए एक एंबुलेंस रोड़ निकाला जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बार हमने खुद ही इस रास्ते को बनाने का बेड़ा उठाया था तो वन विभाग ने हमें 14 हज़ार का जुर्माना लगाया हालांकि यह सदियों पुराना रास्ता हैं लेकिन अब तक सभी राजनीतिक दलों ने राजनीतिक रोटियां ही सेकी और हमें काला पानी जैसा जीवन जीने को मजबूर कर दिया हैं।
वर्षों तक का सड़क सुविधा से महरूम रह रहे इन्हें गांव के लोग अब बेहद परेशान हो चुके हैं। इस बार उन्होंने ऐलान कर ही दिया है की अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले लोकसभा चुनावों में वह चुनावों का बहिष्कार करेंगे।
तो वहीं लाहड़ू पंचायत के विरेन्द्र सिंह गुलेरिया का कहना है कि भलोआ में जो घर है उनके लिए देहर खड्ड होने के कारण कोई भी रास्ता नहीं है और स्थानीय व्यक्ति की खड्ड में बहने के कारण मृत्यु भी हुई हैं। यहां तक कि रास्ता ना होने के कारण तकरीबन 450 कनाल भूमि बंजर पड़ी हैं अतः इन लोगों के लिए सड़क सुविधा होना अति आवश्यक हैं।
दूसरी तरफ हार पंचायत प्रधान चतर सिंह का कहना है कि भलोआ गांव वासियों को रास्ते की कोई भी सुविधा नहीं है और इन्हीं के घरों से देहर खड्ड पार करते समय व्यक्ति पानी में बह भी गया था। हमारा सरकार से अनुरोध है कि काला पानी जैसा जीवन जी रहे इन लोगों के रास्ते की सुविधा मुहैया करवाई जाए।
वहीं लोक निर्माण विभाग अधिशाषी अभियंता रवि भूषण का कहना है कि अभी हमारे पास ऐसा कोई भी प्रपोजल नहीं पहुंचा जब भी प्रपोजल आएगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग भले ही जो भी कह रहा हो लेकिन ऐसे गांव के ग्रामीण सड़क सुविधा न होने से बेहद परेशान हैं।
