भावना शर्मा, शिमला: शिमला स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप कांग्रेस विधायक की ओर से सरकार पर लगाया गया है। विधायक का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के तहत उनके विधानसभा क्षेत्र की अनदेखी की गई और मात्र शिमला शहर नहीं काम किया गया। यह आरोप कांग्रेस विधायक अनिरूद्ध सिंह ने जयराम सरकार पर लगाए है। उन्होंने कहा कि पांच सालों से जयराम सरकार ने उनके इलाके में कोई काम नहीं किया, उल्टे उनके शुरू किए कार्यों को लटकाने का काम किया गया।
उन्होंने कहा कि कसुम्पटी में जो भी काम हुआ है वो विधायक प्राथमिकता और नाबार्ड की योजनाओं के तहत ही हुआ है। विधायक होने के नाते इस इलाके की 14 परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए, जिसमें 12 योजनाओं की मंजूरी भी उन्होंने करवाई। इन परियोजनाओं में सरकार का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे ढली टनल के अलावा कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र का एक काम गिना दें, तो वह आने वाला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत विकास करने के लिए प्रदेश सरकार के पास विजन नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर पूरे शहर में केवल टेढ़े डंगे लगाने का काम किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ऐसे फुटओवर ब्रिज बनाए गए हैं, जहां तक पहुंचने पर ही लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव अनिरुद्ध सिंह ने इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर भी जमकर हमला साधा। उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे मुख्यमंत्री है जो सुबह फैसला लेकर शाम को वापस ले लेते है। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि बीते 5 साल में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 200 अधिसूचनाओं को वापस लिया है साथ ही उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने प्रदेश की जनता को जो 10 गारंटियां दी हैं, उन्हें हर हाल में पूरा किया जाएगा।
अनिरुद्ध सिंह ने कहा है कि जयराम सरकार अफसरशाही की सरकार है। सरकार का एक भी फैसला अपना नहीं बल्कि सभी फैंसलें अफसरशाही ही ले रही है। उन्होंने जयराम सरकार को अपने फैंसले से पलटने वाली सरकार करार दिया। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि जयराम सरकार चुनाव के नजदीक आते ही भर्तियां निकाल रही है जबकि चुनावी आचार संहिता लगने को कुछ ही दिन बाकी है। सरकार को अब युवाओं की याद आ रही है। यही नहीं सरकार ने पहले जो कुछ भर्तियां निकालीं, उनमें पेपर लीक कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया गया। पुलिस कांस्टेबल भर्ती का पर्चा लीक कर हजारों युवाओं के साथ धोखा किया गया। सरकार ने पहले इसकी सीबीआई जांच की बात कही लेकिन बाद में मुकर गई।
