अनिल कुमार,किन्नौर: देव भूमि हिमाचल के हर जिला की अपनी एक परंपरा और संस्कृति है। यहां के लोग आज भी इस परंपरा और संस्कृति को संजोए हुए हैं और यह परंपरा और संस्कृति यहां के मेलों और त्यौहारों में आज भी देखने को मिलती है। इसी तरह की परंपरा और संस्कृति को संजोए हुए किन्नौर जिला के मुरंग गांव में सदियों से चले आ रहे उखयांग मेले की शुरुवात हो चुकी है। इस मेले में म पुरुष ओर महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा पहनकर मेले मे भाग लेते है। मान्यताओं अनुसार यह मेला देवी देवताओं के सम्मान व पहाड़ो से उठाए गए बेशकीमती फूल जिसे स्थानीय देवताओं को अर्पित किया जाता है के रूप में मनाया जाता है। इस मेले में हर घर के एक व्यक्ति का मंदिर प्रांगण में शामिल होना अनिवार्य रहता है.
उखयांग यान फूलों क़ा मेला और इस मेले में पहाड़ो से मंदिर के कारदार फूल उठाकर मुरंग के स्थानीय देवता ओर्मिक शु यानी ओर्मिक देवता के समक्ष लाकर उन्हें अर्पित करते है जिसके बाद पहाड़ो से मंदिर में लाए गए फूलों को प्रसाद के रूप में ग्रामीणों को आबंटित किया जाता है। मंदिर से दिए गए इन फूलों को अपने घर पर ले जाकर शुद्ध जगह पर रखना पड़ता है। वहीं इस मेले में महिलाओं को सोने चांदी के आभूषण व पुरषों को ऊन से निर्मित वस्त्र पहनकर मंदिर प्रांगण मे आना होता है।
मंदिर में आकर सभी लोग देवता के समक्ष पारंपरिक लोक नृत्य जिसे जिला में कायंग कहा जाता है उसे करते है। इस नृत्य कदम से कदम मिलाकर नाचना पड़ता है जिसकी विधि काफी कठिन मानी जाती है। ज़ब इस मेले मे नृत्य किया जाता है तो पहले पुरुष, फिर महिलाएं और अंत मे छोटे युवक युवतियां होती है। यहां लोग अपने लोकगीतों के माध्यम से देवता को खुश करते है
उखयांग मेले मे महिलाएं पहले गीत गाती है और पुरुष बाद मे उस गीत को दोहराते है। इन गीतों में गांव का इतिहास व देवता के प्रकट होने की कहानी भी होती है जिसे महिलाओं की ओर से इस मेले में देवता के समक्ष गया जाता है। कदम से कदम व हाथों को एक दूसरे से जोड़कर नृत्य किया जाता है। इस मेले में महिलाओं के आभूषण व वस्त्र का वजन करीब 40 से 50 किलो तक होता है जिसे मेला समाप्ति तक पहनना अनिवार्य रहता है जो बहुत ही कठिन होता है लेकिन किन्नौर की महिलाओं को इन सभी चीजों की आदत हो चुकी है ओर वह अपनी परंपरा को निभाने के लिए भी इन वस्त्रों ओर आभूषणों का वजन उठाती है ऐसे में उखयांग मेले में महिलाओं की एहमियत बहुत अधिक होती है।
