अनिल कुमार, किन्नौर: प्रदेश की जनजातीय जिला किन्नौर में कड़ाके की ठंड पड़ रही हैं। यहां तापमान जीरो डिग्री से नीचे चल रहा हैं। कड़ाके की इस ठंड के बीच जिला की प्रसिद्ध नाको झील का पानी भी जम कर बर्फ बन चुका हैं और अब इस पर आइस स्केटिंग का रोमांचकारी खेल शुरू हो चुका हैं।
नाको झील में इतनी मोटी परत जमी हुई है कि झील के ऊपर कई तरह के साहसिक खेलों की गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। नाको झील में इस बार प्रदेश आईस स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से आईस स्केटिंग के तीन दिवसीय कैंप क़ा आयोजन किया जा रहा है जिसमे जिला के सैकड़ो बच्चे प्रतिभागी के रूप मे भाग ले रहे हैं।
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प्रदेश आईस स्केन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप कंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि नाको झील विश्व के उन विख्यात झीलों मे से एक है जिसपर आईस स्केटिंग व फुटबाल खेलों का आयोजन सर्दियों में झील के जमने के बाद शुरू किया जाता हैं। इस बार भी नाको झील पूरी तरह जम चुकी हैं,ऐसे में आईस स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से जिलास्तरीय आईस स्केटिंग का आयोजन किया जा रहा है जो तीन दिनों तक चलेगी। इसमें जिला के दर्जनों बच्चे प्रतिभागियों के रूप मे भाग ले रहे हैं जिन्हें तीन दिनों तक झील के ऊपर आईस स्केटिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी और अंतिम दिन आईस स्केटिंग की एक प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी जिसमें अव्वल आने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नाको झील एक मात्र ऐसी झील है जो सबसे मोटे परत के साथ जमता हैं, जिसमें कई टन वजन रखने पर भी यह नहीं टूटता हैं,लेकिन फिर भी आईस स्केटिंग एसोसिएशन ने एतिहात के तौर पर प्रतिभागियों को किट पहनाकर झील के ऊपर आईस स्केटिंग के लिए उतारा हैं। यह झील सबसे ऊंचाई वाली झील में से एक है जहां पर आईस स्केटिंग के कैंप का आयोजन किया जा रहा हैं।
